स्ट्रीट लाइटों से बिजली की बर्बादी रोकने के प्रति नगरपालिका लापरवाह बनी हुई है। नगर को रोशन करने के लिए लगाई गईं स्ट्रीट लाइट बिजली की बर्बादी कर रही हैं। यदि इस बर्बादी को रोक लिया जाए तो लोगों को बिजली की कमी से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
नगरपलिका ने गलियाें, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर रात में रोशनी करने के लिए स्ट्रीट लाइट लगवा रखी हैं, लेकिन इनको दिन में बंद करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। न तो आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और न ही पालिका के किसी कर्मी की व्यवस्था रहती है, जो लाइटों को बंद करे। पालिका ने स्ट्रीट लाइटों को दिन में बंद करने के लिए गलियों में पोल पर स्विच लगा रखे हैं, लेकिन लोग इनको बंद करने की जरूरत नहीं समझते। नगर की लगभग हर गली में दिन में लाइटें जलती रहती हैं। इससे प्रतिदिन हजारों यूनिट बिजली बर्बाद हो जाती है। बिजली की इस बर्बादी को जानते हुए भी लोग अंजान बने रहते हैं।
नगर में लगी स्ट्रीट लाइट
स्ट्रीट लाइट संख्या
250 वाट 150
150 वाट 175
400 वाट 80
85 वाट 135
60 वाट 550
स्ट्रीट लाइटों से बिजली की बर्बादी रोकने के लिए पालिका प्रयासरत है। पालिका ने कई स्थानों पर टाइमर स्विच सिस्टम लगा दिया है। जल्द ही पूरे नगर में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
-अशोक कुमार मिश्रा, सुपरवाइजर, नगर पालिका बिजली विभाग