मोहर्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुस्लिम समाज के लोगों ने ताजिए बनाना शुरू कर दिया है। मोहल्ला कुरेशी, अंसारियान, झंडा, मोहल्ला मुगल के लोग ताजिए बना रहे हैं। मोहम्मद आरिफ ने बताया कि 23 को ताजिए रखे जाएंगे और 24 को उठाए जाएंगे। मस्जिद एक मीनार के पीछे हजरत इमाम हुसैन की याद में मजलिस आयोजित की गई। उलमा ने करबला की जंग व शहादत को बया किया।
बाद नमाज इशा के मजलिस शुरू हुई। इलाहाबाद से आए मौलाना हसनेन बारसी ने हजरत इमाम हुसैन व उनके साथियों की शहादत का जिक्र किया। बरेली से आए मौलाना शकील अहमद, कारी मुहब्बे अली ने अपनी नात-ए-हुसैन पढ़ी। इस दौरान हाफिज यामीन, हाफिज वकार, हाफिज फैजान, हाफिज साहिल, हाफिज आमिर बरकाती, शाही इमाम बाड़े के अध्यक्ष नकी हैदर, उबेर इमारन बरकाती, डा. कुरवानिया, डा. शकील, डा. रजी बाबर, चंदा बारसी, राशिद हुसैन, मोहम्मद अजीम हुसेन, मुकीम आदि मौजूद रहे।