सुन्नगढ़ी के गांव किलौनी और किसौल में खूनी संघर्ष में मारे गए पांच लोगों की मौत के मामले में अब जिले के जनप्रतिनिधि पहुंचकर ढांढस बंधा रहे हैं। सभी नेता मदद का भरोसा दे रहे हैं लेकिन किसी भी नेता ने अभी तक किसी भी पीड़ित परिवार को फौरी तौर पर कोई मदद नहीं दी है।
एटा के सासंद राजवीर सिंह ने किलौनी के राठौर परिवार में पहुंचे। उन्होंने तीनों मृतकों के प्रति संवेदना जताई और मदद का भरोसा दिया। सांसद ने खूनी संघर्ष पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की पूरी निष्पक्ष जांच पड़ताल करे।
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दोषी लोगों को ही जेल भेजा जाए। जो गलत नामजदगी हुईं है ऐसे किसी निर्दोष व्यक्ति को न फंसाया जाए। वहीं किसौल के दिवाकर परिवार में भी सांसद ने पहुंचकर ढांढस बंधाया और मदद का भरोसा दिया। पत्रकार से बातचीत में सासंद ने कहा कि प्रशासन को ऐसे मामले में शिथिल होकर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।
जब पहले से ही यह प्रकरण प्रशासन की नजर में था तो प्रशासन को पहले ही ठोस कार्रवाई करनी चाहिए थी जिससे बात खूनी संघर्ष तक नहीं पहुंचती। समाजवादी पार्टी की नेता पैक्सफेड की डायरेक्टर नाशी खान ने प्रशासन से पीड़ितों की मदद की मांग उठाई। भाजपा के ममतेेश शाक्य भी पीड़ित परिवारों से मिले। गंगा सागर सेवा समिति के अध्यक्ष ने सांसद के साथ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।