एटा। विवाद के बाद पत्नी मायके चली गई तो पति 15 दिन बाद उसे बुलाने गया। परिजन का आरोप है कि वहां भी युवक के साथ विवाद किया गया और पत्नी साथ नहीं आई।
आशंका है कि इसी वजह से फंदा लगाकर युवक ने जान दे दी। मां ने रोते हुए बताया कि बेटे ने कमरे की चाबी मांगी कि मोबाइल फोन चार्ज करना है। हमें क्या पता था कि बेटा फंदा लगाकर जान दे देगा।
गांव फाजिलपुर थाना जलेसर निवासी बुद्धसेन ने बताया कि भतीजा योगेश कुमार (30) तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। लगभग 15 दिन पूर्व किसी बात के चलते पत्नी भावना से विवाद हो गया।
वह दोनों बच्चों को साथ लेकर मायके बढ़नपुर चली गई। योगेश ने कई बार भावना को फोन कॉल के माध्यम से समझाया मगर उसने कोई बात नहीं सुनी। थक-हारकर योगेश शुक्रवार सुबह पत्नी और बच्चों को लेने ससुराल पहुंचा। आरोप है कि वहां भी भावना ने विवाद किया और साथ नहीं आई।
योगेश शाम को निराश होकर घर लौट आया। यहां आकर मां से कहा कि छोटे भाई भोले के कमरे की चाबी दे दो तो मोबाइल फोन चार्ज पर लगा देते हैं।
जब चाबी लेकर कमरे में गए काफी समय हो गया मां ने वहां जाकर देखा। कमरे के अंदर का मंजर देखकर मां की चीख निकल गई। चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे तो देखा अलमारी के अंदर लगे पाइप से अंगोछे का फंदा लगाकर योगेश लटक रहा है। फंदे से शव को उतारकर पुलिस को सूचना दी।
सीओ जलेसर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला खुदकुशी का लग रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता लग सकेगा।