मिशन इंद्रधनुष की मंगलवार से शुरूआत हुई। पहले दिन जिले के 220 उप
स्वास्थ्य केंद्रों पर चले अभियान में शून्य से दो साल तक के करीब दो हजार
से ज्यादा बच्चों, गर्भवती महिलाओं को बीमारियाें से बचाने के लिए टीकाकरण
हुआ। यह अभियान चार महीने तक चलेगा।
मंगलवार को सुबह नगला पोता स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पर अभियान की
शुरूआत नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी ने फीता काटकर की। पालिकाध्यक्ष ने
कहा कि मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण कार्यक्रम की शुरूआत हो चुकी है।
अभियान के तहत कोई भी बच्चा टीकाकरण से नहीं छूटना चाहिए। इस कार्यक्रम में
यूनीसेफ, डब्लूएचओ भी सहयोग कर रहे हैं। अभियान के तहत ईंट भट्ठों के
अलावा मजरों आदि में रहने वाले दो साल के बच्चाें, गर्भवती महिलाओं को
टीकाकरण करने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। इस मौके पर डब्लूएचओ के डा.
अर्जित, डा. भगवानदास भिरौरिया, डा. धुर्वेंद्र भदौरिया, यूनीसेफ के गणेश
पांडेय, दीपमाला और अन्य अधिकारी मौजूद थे। अभियान के तहत टिटनेस, खसरा,
हेपेटाइटिस बीमारियों के टीके लगाए जा रहे हैं।
चौंचा वनगांव में भी
लगे शिविर में 48 गर्भवती महिलाआें, बच्चाें का टीकाकरण किया गया। इस मौके
पर एएनएम विमला यादव, आशा, तारावती, अंगूरी, ममता आदि मौजूद थीं। मुख्य
चिकित्सा अधिकारी डा. आरसी पांडेय ने बताया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि
शत प्रतिशत बच्चों व गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण किया जाए।
मारहरा में निकली रैली
मारहरा।
इंद्रधनुष की सफलता के लिए प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के
छात्रोें ने रैली निकाली। रैली कस्बा के बड़े बाजार के अलावा विभिन्न
मार्गों से होती हुई रामलीला मैदान पर पहुंचकर समाप्त हुई। इस मौके पर
मुन्नी देवी, प्रवीण कुमार, मो. यूनिस, मो. सलीम, सुनील मौजूद रहे।