ग्राम म्यासुर में शुक्रवार को कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। अन्य जिलों से भी पहलवानों ने शिरकत की। बराबरी पर आखिरी कुश्ती छूटी।
बसपा नेता जहीर अहमद ने सिकंदराराऊ के आसिफ, सिंकदरपुर वैश्य के जुगेंद्र के हाथ मिलाकर कुश्ती का शुभारंभ किया। उन्होंने पहलवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीत-हार खेल का हिस्सा है लेकिन हार के बाद फिर से दोगुनी ताकत से जीतने का प्रयास करने वाला ही सच्चा खिलाड़ी है। पहली कुश्ती में आधा घंटे तक दांव-पेच चलने के बाद कुश्ती को बराबरी पर घोषित किया गया। इसके बाद अरुण हाथरस, पूरन उलाईखेड़ा के बीच कुश्ती चली। जिसमें अरुण ने पूरन को चित्त कर बाजी अपने हक में की। तीसरी कुश्ती इरफान बरेली और मोहन हाथरस के बीच हुई जो बराबरी पर छूटी।
अंतिम कुश्ती 11 हजार इनाम की हाथरस के मशहूर पहलवान रामेश्वर के साथ बरेली के पहलवान बिक्की सक्सेना के बीच हुई। लगभग 35 मिनट तक चले रोमांचकारी दांव-पेच का दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। अंत में कुश्ती को बराबरी पर घोषित किया गया। विजेता प्रतिभागियों को अतिथि ने सम्मानित किया। इस दौरान आयोजक कमेटी के सदस्य जाहिद अली, असलम कुरेशी, हसीन अहमद, मोहम्मद ऐजाज मौजूद रहे।