एटा। श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को सुविधाएं एवं सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए पशुपालन विभाग की ओर से बिना गारंटी के ऋण दिलाया जाएगा। ताकि किसान पशुपालन कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनें और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एसपी सिंह सोलंकी ने बताया कि अधिक से अधिक संख्या में किसानों को पशुपालन के लिए केसीसी जारी कराए जाएंगे। एक लाख 60 हजार रुपये की सीमा तक के ऋण के लिए कोई गारंटी की आवश्यकता नहीं है। पशुपालक बैंक या पशु चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से बिना गारंटी वाले ऋण की सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे।
वहीं नाबार्ड के सहयोग से दो भैंस पालने के लिए एक लाख 40 हजार का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बकरी पालन के लिए भी पचास हजार की सीमा तक ऋण मिलेगा। जिससे वह 10 बकरियों का पालन कर सकेगा। अधिकारी पशुपालकों के आवेदन को भी पूर्ण कराएंगे ताकि बैंकर्स की ओर से कोई खामी न निकाली जा सके।