मेला मार्गशीर्ष का प्रथम स्नान पर्व सोमवार को होगा। हरिपदी के घाटों पर स्नान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान विष्णु ने शूकर रूप में अवतरित होकर पृथ्वी को रसातल में ले जा रहे राक्षस हिरण्याक्ष का वध किया था।
गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के साथ साथ देश भर के नागालैंड, अमृतानंद आश्रम, महेश, दयानंद, सोहम आश्रम, टाटिया बाबा, बंशीवाले बाबा, अवधूत आश्रम, प्रेमी बाबा आदि आश्रमों, धर्मशालाओं, स्कूल कालेजों में हजारों साधु संत ठहरे हुए हैं। हरिपदी किनारे कुटिया बनाकर नागर बाबाओं को धुनी रमाएं हुए हैं। सोमवार को मोक्षदा एकादशी पर सुबह 9 बजे से पंचकोषीय परिक्रमा आयोजित होगी। संयोजिक महारानी गुप्ता ने वराह मंदिर पर परिक्रमा में भाग लेने के इच्छुक लोगों से पहुंचने की अपील की है। श्रीमद्भगवतगीता के जन्मोत्सव के मौके पर 21-25 दिसंबर तक पांच छतरी वाले घाट स्थित कृष्ण प्रेम सत्संग भवन में गीता प्रवचन होंगे। पं. नरेश शास्त्री प्रवचन करेंगे।
शाम पांच बजे हरिपदी किनारे पचास हजार दीपों क्रो हरिपदी में प्रवाह किया जाएगा। इस महादीपदान के संयोजक पं. आशुतोष ने श्रद्धालुओं से दीपदान में भाग लेने की अपील की है। व्यवस्थापक रामेश्वरदयाल महेरे, गिर्राज अग्रवाल ने बताया मानस मंदिर में 25 दिसंबर तक अन्न क्षेत्र का आयोजन होगा।