जीटी रोड स्थित एक क्लीनिक के बाहर मौजूद लोगों को भगाती पुलिस। संवाद
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एटा। पर्चे पर लिखी दवा के बजाए क्लीनिक में संचालित मेडिकल स्टोर से मरीज को जेनरिक दवाइयां दे दी गईं। इससे बच्ची को फायदा नहीं हुआ तो परिजनों ने दवाओं को नकली बताते हुए बुुधवार को क्लीनिक पर हंगामा कर दिया। भीड़ जुट गई। इसी दौरान किसी ने पुलिस को फोन कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को शांत कराया। साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर की जांच के आधार पर कार्रवाई की बात कही। समाचार लिखे जाने तक कोई तहरीर नहीं दी गई थी।
शहर के कोतवाली सिटी के किदवई नगर निवासी आदिल ने बताया कि उनके भाई राशिद की बेटी हिना की तबियत खराब है। उसे सर्दी और खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। इस पर परिजन मंगलवार को जीटी रोड स्थित डॉ. हरिओम गुप्ता के यहां दिखाने लाए।
डॉक्टर गुप्ता ने बेटी का परीक्षण किया और पर्चे पर दवा लिख दी। क्लीनिक में ही संचालित मेडिकल स्टोर से खरीदी दवा जब घर पर जाकर बच्ची को दी गई तो उसे कोई फायदा नहीं हुआ। आदिल ने बताया कि जब पर्चे पर लिखी दवाओं से मिलान किया गया तो वह दूसरी निकलीं। बताया कि पर्चे पर जो दवाएं लिखी गईं थीं उसके बजाए नकली या जेनरिक दवाएं दी गईं, जिससे बच्ची को राहत नहीं मिल पाई।
बुधवार को परिजनों ने जीटी रोड स्थित क्लीनिक पर सुबह हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को डॉक्टर हरिओम गुप्ता ने बताया कि जो दवाइयां पर्चे पर लिखी गईं थीं, वह शायद मेडिकल स्टोर पर खत्म हो गईं होंगी। इसलिए वहां से उसी सॉल्ट की जेनरिक दवा दे दी गईं हैं। दवा नकली नहीं है।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली एके सिंह ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर को सूचित किया गया है। वह आकर दवाओं की जांच करेंगे। वह सही हैं या नहीं, उसी के आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी।