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मेडिकल कॉलेज: प्राचार्य के खिलाफ फैकल्टी ने खोला मोर्चा

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एटा। लोकार्पण से ठीक पहले मेडिकल कॉलेज स्टाफ में घमासान मच गया है। फैकल्टी ने कार्यवाहक प्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके साथ काम करने में असहजता जताते हुए मंडलायुक्त सहित चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक और डीएम को पत्र भेजा है। मंगलवार को जिला अस्पताल स्थित कॉलेज प्राचार्य के कक्ष में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) के लिए अलीगढ़ से आए एक चिकित्सक ने एक सह आचार्य से कुछ बात कह दी। इस पर सह आचार्य नाराज हो गए। उन्होंने कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार से शिकायत की। कहा कि इस तरह हम कार्य नहीं कर पाएंगे। इसको लेकर सारी फैकल्टी व प्रशासनिक अधिकारी प्राचार्य के कक्ष में पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद संबधित चिकित्सक को खरी-खोटी सुनाई। आरोप था कि एक चिकित्सक मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी को किस हैसियत से आदेश दे सकता है।
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इसके बाद आचार्य, सह आचार्य आदि ने संयुक्त रूप से चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक को पत्र भेजा। इसमें आरोप लगाया है कि कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल ने हम लोगों को न तो बैठने का उचित स्थान दिया है। महिला फैकल्टी के लिए टॉयलेट तक की व्यवस्था नहीं की गई है। जबकि बाबू व अन्य कनिष्ठ कर्मचारी अलग-अलग कक्ष में बैठाए गए हैं। पत्र में यह भी लिखा है कि समय-समय पर फैकल्टी को बुलाकर लिपिकीय कार्य दे दिया जाता है। अस्पताल में दलाल प्रवृत्ति का एक बहारी व्यक्ति बैठा रहता है। उसके सामने ही फैकल्टी को अपमानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्राचार्य डॉ. पंकज जैन के जाने के बाद से मेडिकल कॉलेज का कार्य रुक गया है। आचार्य, सह आचार्य आदि से जूनियर डॉक्टरों के अधीन कार्य कराया जा रहा है। इन सब कारणों से प्राचार्य के अधीन कार्य करने में असहज हैं। एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. हिमांशू, डॉ. विवेक, डॉ. जोगेंद्र, डॉ. प्रशांत, डॉ. प्रगति, डॉ. पारुल आदि फैकल्टी ने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
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