एटा। शहर में मंगलवार का दिन साप्ताहिक बाजारबंदी के लिए निर्धारित है, लेकिन मंगलवार को बाजार पूरी तरह खुले नजर आए। दुकानों पर काम करने वाले श्रमिक साप्ताहिक अवकाश न मिलने से परेशान रहते हैं। जबकि जिम्मेदार अधिकारी आदेश का पालन कराने के लिए नहीं निकलते हैं।
जनपद के सभी कस्बों के लिए साप्ताहिक बंदी के दिन डीम प्रेम रंजन सिंह ने निर्धारित किए हैं। मंगलवार को शहर में बंदी का दिन तय है, लेकिन यहां महीनों से साप्ताहिक बंदी का पालन नहीं हुआ। बाजार अन्य दिनों की तरह ही खोला जा रहा है। अवकाश न मिलने से श्रमिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, जो व्यापारी बंदी का पालन करना भी चाहते हैं, वो भी प्रतिस्पर्धा के चलते अपनी दुकानों को बंद नहीं कर पाते हैं। मंगलवार गांधी मार्केट, बाबूगंज, हाथी गेट, घंटाघर, दास मार्केट, जीटी रोड स्थित मोबाइल मार्केट, रेलवे रोड स्थित मार्केट, मिर्च मंडी आदि शहर के प्रमुख बाजार पूरे दिन सामान्य रूप से खुले दिखे।
साप्ताहिक बंदी से श्रमिकों को एक दिन अपने घरेलू कार्यों के लिए मिलेगा। वह अपने कार्यों को निपटा सकेंगे। बाजार बंदी का पालन सख्ती से कराया जाए। श्रमिक मजबूरी में बंदी में कार्य करता है। -सचिन यादव, व्यापारी
साप्ताहिक बंदी का सख्ती से पालन कराया जाए। पूर्व में बाजार बंद रहता था लेकिन अब कई महीनों से लगातार काम करना पड़ रहा है। घरेलू काम भी नहीं कर पाते और शरीर को आराम भी नहीं मिलता। -साहिल, श्रमिक
शहर में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी निर्धारित है। अगर बाजार में दुकानें खुली मिलती हैं तो ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। -राज बाबू, श्रम परिवर्तन अधिकारी