एटा। तीसरे चरण के मतदान में विधानसभा क्षेत्र मारहरा में मतदाताओं ने जमकर वोट डाले। प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। सीधे मुकाबला सपा और भाजपा प्रत्याशी के बीच माना जा रहा है और दोनों ही पार्टियों के समर्थक जीत का दावा कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने इस बार पिछले दो चुनावों की अपेक्षा मेहनत अधिक की है। उनको शायद आभास हो गया था कि मुकाबला कड़ा होने जा रहा है और मेहनत की जरूरत है। सबसे ज्यादा वैश्य, क्षत्रिय, ब्राह्मण और लोधी मतदाताओं के बीच पैठ बनाने का काम किया गया, जबकि अन्य को तबज्जो नहीं दी गई। हालांकि चुनाव से पहले कई यादव नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद भी यादवों पर भरोसा नहीं जताया गया और वोट तक नहीं मांगे गए। इस चुनावी बैतरी को पार करने के लिए चार जातियों को साधकर जीतने का प्रयास किया गया है। भाजपा समर्थक जीत का दावा भी कर रहे हैं।
वहीं सीधे मुकाबला समाजवादी पार्टी प्रत्याशी देवेश शाक्य से रहा है। सपा समर्थक खुद को भाजपा से बेहद पीड़ित होने का अहसास कराने का प्रयास करते रहे हैं। बुलडोजर से डरे सहमे लोगों के सहारे चुनावी नैया पार करने की बात कही जा रही है। शाक्य मतदाता लोकसभा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। एमवाई के साथ शाक्य और पीडीए का साथ मिलने की बात कही जाती रही है। इसके चलते जीत का दावा किया जा रहा है।
क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर में मतदान के बाद आपस में विमर्श करते हुए अवनीश कुमार, प्रवीन, रजनीश सिंह आदि का कहना था कि इस बार बदलाव की बयार चली है और बदलाव निश्चित है। कोई भी बदलाव को नहीं रोक पाएगा। जीतने के बाद नहीं दिखने वाले प्रत्याशी को जनता ने बेदखल कर दिया है। सपा के जीतने की पूरी संभावना है। जबकि भाजपा के समर्थक भी जीतने का दावा कर रहे थे। गांव जिन्हैरा में अनिल वर्मा, विशेष सिंह, मनीष आदि का कहना था कि विकास और सुरक्षा के नाम पर सबने वोट दिया है। भाजपा की यहा हैट्रिक बनेगी। इन सब दावों से इतर असल स्थिति 4 जून को ही पता चल सकेगी।