एटा। सपा के जातीय समीकरण की चाल मंगलवार को मतदान के दौरान काफी हद तक असरदार नजर आई। सजातीय प्रत्याशी और भाजपा के बीच शाक्य मतदाता कई जगह बंट गए। ऐसे में साइकिल की रफ्तार बढ़ती मालूम पड़ रही है। वहीं सपा समर्थक बाहुल्य इलाकों पर बंपर वोटिंग से जहां इस खेमे में उत्साह दिखा। वहीं भाजपा समर्थक बाहुल्य इलाकों में मतदान की धीमी गति से भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखीं।
एटा लोकसभा क्षेत्र के तहत विधानसभा एटा सदर क्षेत्र के गांव बागवाला के मतदान केंद्र पर दोपहर 12 बजे 10-12 लोग मतदान के लिए खड़े थे। कुछ दूरी पर बने गेहूं क्रय केंद्र के पास गांव के लोग मतदान पर आकलन कर रहे थे। प्रेमचंद कह रहे थे विकास तो ठीक चल ही रहा है। इसी पर गांव के लोग मतदान कर रहे हैं। गांव के राशन डीलर मनोज भी बैठे थे। उनका कहना था कि सुरक्षा प्रमुख मुद्दा है। महिलाएं, बेटियां सुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। बसपा को यहां अच्छा वोट मिल रहा है। यह भी माना कि शाक्य का वोट सपा में बंटा है। आनेंद्र कुमार बाेले कि सरकार के कार्यों से लोग खुश हैं। दावा किया कि भाजपा पहले और सपा तीसरे स्थान पर रहेगी।
इससे कुछ आगे गांव कंसुरी में माहौल बिल्कुल ही विपरीत नजर आया। मतदान करने के बाद महिलाएं मतदान केंद्र के बाहर बैठी बातें कर रहीं थीं। पूछने पर सरोज देवी बोलीं कि सोना बहुत महंगा हो गया। बेटे की शादी करनी है, बहू के लिए जेवर कैसे बनवाएं? यह सब ध्यान में रखकर वोट डाला है। उनकी बात खत्म होने से पहले ही विमला देवी बोल पड़ीं, दो बेटे हैं जिन्हें बीएड करने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। अब बीटीसी कर रहे हैं। मीरा देवी का कहना था कि पढ़े-लिखे लड़के मजदूरी कर रहे हैं। राशन तो मिल रहा है, लेकिन पांच किलो राशन से क्या होता है? इसमें भी बाजरा बांटा जा रहा है। गर्मी में बाजरा कौन खाए? संवाद