एटा। जनपद में मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन कार्य में जिले का प्रदर्शन पहले से बेहतर हुआ है। पिछले माह अक्तूबर में जनपद इस मामले में फिसड्डी रहा था। मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराने के साथ ही पंजीकृत मजूदर (जॉब कार्ड धारक) ग्रामीणों को मानव दिवस सृजित कर रोजगार मुहैया कराया जाता है।
नवबंर में जनपद के सभी आठ ब्लॉक में मानव दिवस सृजन के लिए 1528142 का लक्ष्य था, जिसमें सिर्फ 15 लाख 26 हजार 444 मानव दिवस सृजित किए जो कि लक्ष्य का 98.99 फीसदी रहा। सबसे ज्यादा अवागढ़ और शीतलपुर ब्लॉक में मानव दिवस सृजन किया। अवागढ़ में 143263 के सापेक्ष में 268375 मानव दिवस सृजित किए जो कि लक्ष्य का 187.33 फीसदी है।
वहीं शीतलपुर ब्लॉक में 220201 के सापेक्ष में 404877 मानव दिवस सृजित किया। जो कि लक्ष्य का 183.87 फीसदी है। अलीगढ़ मंडल में जनपद एटा मानव दिवस सृजन मामले में दूसरे स्थान पर चल रहा है। पहले स्थान पर कासगंज जनपद हैं, वहीं तीसरे नंबर पर अलीगढ़ है।
ब्लॉक- लक्ष्य- मानव दिवस सृजित
अलीगंज- 246731- 165962
जैथरा- 177753- 139623
जलेसर- 151222- 130478
मारहरा- 156528- 166694
नमिधौली कलां- 188365- 128873
सकीट- 244078- 121562
अक्तूबर माह की अपेक्षा नवंबर माह में मानव दिवस सृजन के मामले में जिले की स्थिति बेहतर हुई है। इस बार जिला कासगंज के बाद एटा दूसरे स्थान पर रहा है।
- पीसी यादव, उपायुक्त, मनरेगा