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मंडी में आवक बढ़ने से गेहूं के दाम 125 रुपये तक गिरे

Thu, 19 May 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
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सरकारी केंद्रों पर लक्ष्य के मुताबित 25 प्रतिशत खरीद - फोटो : अमर उजाला
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मंडी में गेहूं की आवक बढ़ने से व्यापारी 125 रुपये सस्ता प्रति क्विंटल की दर से गेहूूं खरीद रहे हैं। वहीं सरकारी केंद्रों से किसानों की बेरुखी जारी है। केंद्रों पर 24 घंटे में भुगतान की व्यवस्था होने के बाद भी किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने नहीं पहुंच रहे। इसी का फायदा उठा कर व्यापारी सस्ते में गेहूूं खरीद कर अपनी जेबें भरने में लगे है। वहीं लक्ष्य के विपरीत अभी तक सरकारी क्रय केंद्रों पर केवल 25 प्रतिशत गेहूूं खरीद होने से अधिकारी परेशान हैं।
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जिले के किसानों का इस बार सरकारी गेहूूं क्रय केंद्राें से मोह भंग हो चुका है। आलम यह है कि व्यापारी किसानों से 100 से 125 रुपये प्रति कुंतल सस्ता (लेकिन नकद भुगतान) खरीद रहे हैं। जबकि सरकारी केंद्रों से 24 घंटे के बाद भुगतान का नियम है। वहीं मंडी में गेहूं की आवक अधिक होने का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। हालांकि व्यापारी 1450 रुपये प्रति कुंतल गेहूूं खरीद की बात कहर पल्ला झाड़ने में लगे हैं, लेकिन किसानों की माने तो मंडी में गेहूं 1400 रुपये प्रति कुंतल से ऊपर नहीं बिक रहा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव का कहना है कि गेहूं खरीद की यही स्थित अकेले एटा जिले में नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में है। इस बार सूखा पड़ने के कारण जहां गेहूं का दाना पतला है, वहीं उम्मीद के मुताबिक गेहूं का उत्पादन भी कम है। उन्होंने बताया कि शासन से मिले 45 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुताबिक अभी तक लगभग जिले में लगभग 25 प्रतिशत गेहूं की खरीद हो पाई है। हालांकि अधिकारियों ने 15 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष 50 प्रतिशत गेहूं खरीद की उम्मीद जताई है।

गेहूं की खबर का जोड़
कागजी खानापूर्ति बन रही बाधा
दरअसल क्रय केंद्रों पर गेहूूूूं बेचने पर किसानों को तमाम कागजी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। यदि फसल में छह प्रतिशत से अधिक गेहूं पतला निकला तो क्रय केंद्र प्रभारी खरीदने से इनकार कर देता है। इसके अलावा केंद्र पर गेहूूं बेचते वक्त किसानों को खतौनी और पासबुक की फोटो कॉपी ले जाना जरूरी है। वहीं मंडी में गेहूूं बेचने पर कागजी कार्रवाई तो दूर पांच हजार से अधिक फसल बेचने की पर्ची पर मंडी से इनामी कूपन मिलने के साथ कागजी कार्रवाई भी नहीं होती।
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लक्ष्य के विपरीत 25 प्रतिशत खरीद
शासन से जिले को 45 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला है। लेकिन बुधवार शाम तक पूरे जिले के क्रय केंद्र के माध्यम से जिला प्रशासन केवल 25 प्रतिशत गेहूं खरीद पाया है। जबकि प्रशासन ने क्रय केंद्र प्रभारियों को किसानाें के बीच गांव-गांव जाकर जागरूक करने और केंद्र पर गेहूूं बेचने के लिए मनाना था। प्रभारियों की लाख कोशिशाें के बाद भी किसान क्रय क्रेंद्र पर नहीं पहुंचे।

24 घंटे में भुगतान की व्यवस्था
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि क्रय केंद्रों के खाते में 5 से 15 लाख रुपये एडवांस भिजवाने के अलावा ऐसी व्यवस्था की गई है कि यदि जरूरत पड़े तो एक ई-मेल पर खाते पर एक घंटे के अंदर धनराशि ट्रांसफर हो जाएगी। उन्हाेंने बताया कि अभी तक 900 से अधिक किसानों से गेहूूूं क्रय केंद्रों से खरीदा जा चुका है और सभी किसानों को भुगतान भी हो चुका है।
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