केंद्र सरकार ने इस बार मनरेगा मजदूरों की मजदूरी सिर्फ एक रुपये बढ़ाया है। इससे श्रमिकों को अब 174 रुपये के बजाय 175 रुपये का भुगतान होगा। जबकि उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र सरकार मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी 200 रुपये करेगी।
केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना 2006 में शुरू की थी। 11 साल में इसके मजदूरों की मजदूरी आठवीं बार बढ़ाई गई है, लेकिन इस बार बढ़ोत्तरी सबसे कम हुई है। बता दें कि वर्ष 2006 में जॉबकार्ड धारक को सिर्फ 69 रुपये मजदूरी मिलती थी। इसके दो साल बाद मजदूरी बढ़ा कर 82 रुपये रुपये कर दी गई। 2010-11 में तीसरी बार मजदूरी 100 रुपये और चौथी बार 25 रुपये बढ़ा कर मजदूरी 125 रुपये कर दी गई थी। लेकिन दो साल से मजदूर 174 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर काम कर रहे थे। इस बार उम्मीद थी कि मजदूरी 200 रुपये कर दी जाएगी। पर, केंद्र सरकार ने झटका देते हुए मात्र एक रुपये मजदूरी बढ़ाई है। एक अप्रैल से मनरेगा मजदूरों को 175 रुपये की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। डीसी मनरेगा एमएन त्रिवेदी ने कहा एक रुपया मनरेगा मजदूरी बढ़ने की सूचना मिली है। अभीतक शासनादेश नहीं मिला है। शासनादेश के मुताबिक मजदूरो का भुगतान कराया जाएगा।