एटा। करीब सात साल पहले किशोरी से अपहरण के मामले में सोमवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नरेंद्र पाल राणा ने फैसला सुनाया। घटना के दोषी ओमकिशन उर्फ ओमी निवासी गढि़या कौंची थाना सकीट को 20 साल के कारावास से दंडित करने का आदेश दिया है।
मामले की रिपोर्ट किशोरी के भाई ने थाना सकीट में दर्ज कराई थी। लिखाया था कि 25 मई 2018 की रात 13 वर्षीय बहन घर में लेटी हुई थी। रात करीब 11.30 बजे ओमकिशन घर में घुस आया। बहन को बदनीयत से पकड़कर छत पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। चिल्लाने पर परिवार के लोग पहुंचे तो वह धमकी देते हुए भाग गया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर ओमकिशन के विरुद्ध अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
चिकित्सकीय परीक्षण और अदालत में किशोरी की गवाही के दौरान दुष्कर्म की बात सामने आई। हालांकि आरोपी पक्ष द्वारा घटना को गलत बताया गया। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने ओमकिशन को दोषी पाया।
आदेश के मुताबिक उसे 20 साल के कठोर कारावास भुगतने के साथ ही 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी अदा करना होगा। यह धनराशि पीड़िता को बतौर प्रतिकर दी जाएगी। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर दोषी को पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।