एटा। एटा प्रशासन की ओर से रोडवेज बसों में गाइडलाइन से अधिक यात्री बैठाने की गूंज अब लखनऊ तक पहुंच गई है। यहां बसों में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा 27 के सापेक्ष 62 यात्री बैठाए गए। इस दौरान सवारियों को बसों में खड़े होकर सफर करना पड़ा। वहीं संक्रमण का भय बना रहा।
बीते रविवार को गुजरात से आई स्पेशल ट्रेन में 1235 श्रमिक आए हैं। इनको 62 जनपदों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज की बसें लगाई गई थीं, जहां शासन द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि एक बस में 26 से 27 यात्रियों को ही बसों में बैठाया जाए। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जाए, चालक-परिचालकों को ग्लव्स, मास्क सैनिटाइजर उपलब्ध कराए जाएं।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा डिपो की यूपी 82 टी 78 27 बस को सोनभद्र मुगलसराय भेजा गया, जिसमें 60 यात्री बैठाए गए, जबकि लखीमपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई को बस गई थी, जहां बस में 57 यात्रियों को भेजा गया। वहीं फतेहपुर, इलाहबाद, प्रतापगढ़ की बस में 57 यात्रियों को बैठाया गया। इस दौरान यात्रियों को बस में सीट भी नहीं मिली। वहीं यात्रियों ने खड़े होकर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा की। इसको लेकर सेंट्रल रीजनल वर्कशॉप कर्मचारी संघ ने एमडी से मामले की शिकायत की है।
उन्होंने कहा है। कोरोना की इस भयावह काल में यह स्थित खतरनाक है। इससे केवल चालक-परिचालक ही नहीं इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के भी संक्रमित होने की संभावना है। सुरक्षा की दृष्टि से कर्मचारियों को भी गलत संदेश जाता है । उन्होंने बसों में मानक के अनुरूप यात्रियों को बैठाने की अपील की है ।
नहीं मिली प्रोत्साहन राशि
कोरोना वायरस में निगम की संचालित आपातकालीन सेवाओं पर तैनात चालकों व परिचालकों को अंतरराज्यीय ड्यूटी में तथा राज्य के अंदर 1 दिन से अधिक की ड्यूटी होने की दशा में संचालित दिवसों के आधार पर 300 रुपये प्रतिदिन प्रति क्रमिक की दर से धनराशि उपलब्ध कराने की बात कहीं गई है, लेकिन यह धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई है।
चालक-परिचालकों ने बताया कि निगम द्वारा उन्हें मास्क तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। सिर्फ थोड़ा सा सैनिटाइजर दिया जा रहा है। संक्रमण के शिकार वह न हो इसके लिए मुंह पर गमछा आदि बांध रहे हैं। उन्होंने बताया कि बसों में स्टेपनी तक नहीं है। अगर सुनसान एरिया में बस पंक्चर हो जाए तो बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बसों में अधिक यात्री बैठाने की जानकारी नहीं
जिन चालक-परिचालकों ने ड्यूटी की है, उन सभी चालक-परिचालकों को तीन सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। वहीं, बसों में यात्री अधिक बैठाए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
-मदनलाल , एआरएम