कासगंज। लॉकडाउन के बीच बीमार लोगों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। दो दिन से शहर में निजी चिकित्सकों की जनरल ओपीडी बंद है। जिसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान चिकित्सक भी बेबस नजर आ रहे हैं।
सोमवार को कई मरीज चिकित्सकों के क्लीनिक और नर्सिंग होम पर भटकते मिले। मारहरा में एक प्रसूता का सरकारी चिकित्सालय पर प्रसव के लिए मना करने पर परिजन प्रसूता को लेकर कासगंज पहुंचे। काफी मिन्नतों के बाद एक चिकित्सक ने महिला का प्रसव कराया। इसी तरह से एक और प्रसूता का प्रसव हुआ।
मरीजों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसी स्थिति में वे क्या करें। निजी चिकित्सक भी असमंजस की स्थिति में हैं। उनके सामने एक ओर प्रशासन के आदेश का पालन करना है तो दूसरी ओर चिकित्सक का फर्ज है। यहां क्रिश्चियन हॉस्पिटल के गेट पर जनरल ओपीडी बंद रहने का नोटिस चस्पा था, केवल आपातकालीन सेवाएं ही चालू थीं।
क्या बोले मरीज-
- छोटे भाई की पत्नी की डिलीवरी होनी थी। मारहरा में सरकारी अस्पताल पर प्रसव के लिए मना कर दिया। फिर मजबूरन कासगंज आना पड़ा। यहां भी काफी मिन्नतों के बाद चिकित्सक ने प्रसव कराया। ऐसी स्थिति में मरीज कहां जाए। - सुशील कुमार, मोहिनी, मारहरा।
- मेरे भाई की पत्नी को प्रसव पीड़ा थी। काफी मुश्किलों से एंबुलेंस का इंतजाम हो पाया। सुबह निजी चिकित्सक ने मना कर दिया। तो दूसरे स्थान पर जाकर प्रसव हो पाया। - राजबहादुर, नगला भंडारी, सोरों।
- मेरे 15 महीने के नाती गोलू की तबियत दौैड़ा पड़ने के बाद बिगड़ गई। हम गंगीरी से यहां लेकर आए। वह बेहोश था। डॉक्टर ने मना कर दिया, लेकिन काफी कहने के बाद बच्चे की हालत देखने के बाद इलाज किया। - महाराज सिंह, गंगीरी, अलीगढ़।
- मेरे मसूड़ों में दो दिन से काफी तेज दर्द है। दवा लेने से भी आराम नहीं मिल पा रहा। रविवार को डॉक्टर को दिखाने आई तब भी डॉक्टर ने नहीं देखा। आज फिर आए हैं लेकिन केवल दवा दे दी है। - रूबी, भड़पुरा, सोरों।