घंटाघर स्थित एक आवास में पीएम नरेंद्र मोदी को सुनते परिवार के लोग।
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एटा। लॉकडाउन की अवधि मंगलवार को समाप्त होने से पूर्व प्रधानमंत्री के संबोधन को लेकर लोगों में उत्सुकता रही। सुबह लोगों ने जल्द ही खरीदारी की और घरों में आकर टीवी के सामने बैठ गए। इससे बाजारों में साढ़े नौ बजे सन्नाटा पसर गया। लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा हुई। इस दौरान किसी के चेहरे पर निराशा तो किसी के चेहरे पर सुकून दिखाई दिया।
घरों में महिलाओं ने भी जल्द ही सुबह के कार्य निपटाए और नाश्ता आदि तैयार कर लिया। बाजार में भी लोग जल्दी ही सब्जी और फल परचून का सामान खरीद लाए। स्थिति यह रही कि साढ़े नौ बजे सड़कें खालीं हो गईं। लोगों ने घरों में परिवार के साथ बैठकर मोदी को सुना और उनके एक-एक वाक्य पर आपस में चर्चा करते देखे गए।
इधर जैसे ही 19 दिन के लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा हुई, महिलाओं के चेहरों के भाव उतरते-चढ़ते रहे। वह रसोई के सामान का हिसाब-किताब जोड़ने लगीं। वहीं नौकरीपेशा लोगों ने राहत की सांस ली तो व्यापारी और मजदूर वर्ग के लोग बेचैन नजर आए।