एटा। ताला-चाबी गिरोह ने शहर के मोहल्ला महाराणा प्रताप नगर निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य के घर से लाखों के जेवर उड़ा दिए। लोहे की अलमारी का ताला खराब होने पर फेरी वाले को परिवार वालों ने बुलाया था। अपने एक साथी को लाकर फेरी वाले ने घटना को अंजाम दिया।
शहर के अविनाशी सहाय आर्य इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए उमेश चंद्र सक्सेना महाराणा प्रताप नगर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि कमरे में रखी लोहे की अलमारी का ताला काफी समय से खराब था जो खुल नहीं रहा था। इसमें लॉकर के अंदर पत्नी व पुत्रवधू का जेवर रखा हुआ था। 10 मार्च को पत्नी सुधा के साथ घर में बैठे थे। तभी ताला संभालने वाले की आवाज सुनाई दी। जाकर देखा तो गली से एक व्यक्ति गुजर रहा था। जिसके गले में चाबियां के गुच्छे थे और हाथ में बैग था। एक लड़का भी उसके साथ था। उसको बुलाकर अलमारी का लॉक दिखाया। उसने कहा कि गेट खुल तो रहा है। लेकिन चाबी से बंद नहीं हो रहा है। आधा घंटे तक ऐसा करता रहा और बोला शाम को दूसरे मिस्त्री को लेकर आऊंगा, इसके बाद चला गया।
उसी दिन शाम के 6 बजे वह एक व्यक्ति को लेकर आया। वह व्यक्ति लॉक ठीक करने लगा और दूसरा चाबी बनाने लगा। इसी बीच अलमारी के अलमारी में रखी चाबी ढूंढकर उसने लॉकर खोल लिया। दोनों ने पीने के लिए पानी मांगा। उमेश चंद्र ने बताया कि जब वह पानी लेने गए तो इन लोगों ने लॉकर से दो सोने की चेन, एक जोड़ी कान की बाली, दो सोने के कंगन, एक चेन पेंडुलम, पांच अंगूठी, दो जोड़ी कान के कुंडल, दो जोड़ी टॉप्स, दो चांदी की पायल, दो गोल्ड पॉलिश तगड़ी निकाल लीं। जब वह पानी लेकर आए, इन लोगों ने लॉक बंद करके दिखाया और अपनी मजदूरी के 200 रुपये लेकर चले गए। अगले दिन 11 मार्च की सुबह जब अलमारी को खोलकर देखा तो लॉकर से गहने गायब थे। सीओ सिटी अमित कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज व अन्य माध्यमों से आरोपियों को पहचान कर पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।