एटा। पंचायत चुनाव के दौरान शराब का जमकर इस्तेमाल किया गया। प्रशासन भले ही दारू पार्टी रोकने की कसरत करता रहा। लेकिन कामयाब नहीं हो सका। इस अंतराल में करीब 21 करोड़ रुपये की शराब खप गई। इसके साथ ही एक महीने में शराब बिक्री के रिकॉर्ड भी टूट गए।
अप्रैल के लिए देसी शराब का 3.71 लाख लीटर कोटा तय किया गया। आमतौर पर कोटा के हिसाब से पूरी बिक्री करना मुश्किल होती है, लेकिन अप्रैल में हुए पंचायत चुनावों को लेकर शराब की बंपर खरीदारी हुई। चुनाव लड़ने वाले तमाम लोगों ने दारू पार्टियां दीं और शराब बांटी भी गई। हालांकि, कार्रवाई भी हुईं लेकिन शराब पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा। जिसके चलते महीने में 6.14 लाख लीटर शराब बिक गई। प्रत्याशियों को वोट मिले न मिले, लेकिन सरकार की झोली राजस्व से भर गई। इस शराब की कीमत करीब 21.49 करोड़ रुपये आंकी गई है। जिला प्रदेेश में आठवें स्थान पर पहुंच गया था।