एटा। मेडिकल कॉलेज के आसपास एंबुलेंस संचालन में कमीशनखोरी का गोरखधंधा चल रहा है। आरोप है कि इसमें कॉलेज के कर्मचारी और गार्ड भी शामिल हैं। बाहर से मंगाई जाने वाली एंबुलेंस पर इनका कमीशन तय होता है। निजी वाहन संचालक मरीज व उनके परिजन से दोगुनी राशि वसूलते हैं। जितनी बड़ी मजबूरी होती है उतनी वसूली की जाती है।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन आठ से दस मरीज उच्च उपचार के लिए रेफर किए जाते हैं। तीमारदारों से 108 पर कॉल करने के लिए कहा जाता है। इस दौरान इमरजेंसी के गेट पर खड़े बाहरी व्यक्ति बोल सलाह देते हैं कि 108 को कॉल न करो एंबुलेंस तैयार है, मरीज को लेकर आ जाओ।
घबराहट और जल्दबाजी में तीमारदार मरीज को निजी एंबुलेंस में ले जाते हैं। आगरा और अलीगढ़ ले जाने के दो हजार से 2800 रुपये तक वसूले जाते हैं। जबकि सैफई जाने पर यही रुपये बढ़कर 3500 हो जाते हैं। जबकि आगरा, अलीगढ़ की दूरी पर अधिकतम खर्च 1000 से 1200 रुपये आता है।