एटा। अवैध संबंधों में बाधक बन रही सास को बहू ने प्रेमी के साथ मिलकर गला घोंटकर मार डाला। लाश को घर में ही दफनाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। अदालत ने महिला और उसके प्रेमी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जैथरा निवासी विशुनचंद्र गुप्ता की पत्नी सुमनलता ने 12 मार्च 1997 को जैथरा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। जिसमें बताया कि उसकी सास राममूर्ति उर्फ मायादेवी 4 मार्च 1997 को शाम को घूमने गईं थीं जो अभी तक नहीं लौटी हैं। जिस पर पुलिस ने मामले की जांच की तो सुमनलता गुप्ता और नगला भूड़ा निवासी नवी हसन के बीच अवैध संबधों का खुलासा हुआ। इस पर पुलिस ने नवी हसन पर शिकंजा कसा तो उसकी निशानदेही पर सास राममूर्ति उर्फ मायादेवी का शव घर में दफन मिला।
नवी हसन और सुमनलता ने नारियल की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की थी। इस पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र अदालत भेज दिया। अदालत में चली सुनवाई में एडीजीसी नीलिमा चौहान और सर्वेश चौहान ने गवाहों व सबूतों के माध्यम से आरोपों को सही ठहराया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस व गवाहों के बयान सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार सिंह ने पाया कि सुमनलता और नवी हसन ने यह हत्या अवैध संबंधों व संपत्ति के विवाद में की है। ऐसे में अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 35-35 हजार रुपया जुर्माने से दंडित करने का आदेश दिया।