एटा। पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम गुप्ता ने बुधवार को यह आदेश जारी किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह राठौर ने बताया कि जैथरा थाने में विजेंद्र सिंह निवासी विजौरी थाना जैथरा के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विजौरी के ग्राम प्रधान सुम्मेर सिंह इसमें वादी थे। उन्होंने बताया कि 23 अक्तूबर 1996 की शाम 6.30 बजे गांव के विजेंद्र सिंह अपनी पत्नी मिथलेश को दवा दिलाकर जैथरा से विजौरी जा रहे थे। तीन माह की पुत्री भी साथी थी। नगला नानकार मोड़ के पास किसी ने मिथलेश की हत्या कर दी।
विजेंद्र सिंह ने बताया कि यह काम बदमाशों ने किया है। गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद मिथलेश के भाई जमादार सिंह निवासी भटहा थाना मेरापुर जिला फर्रुखाबाद ने एक प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि 1990 में बहन की शादी की थी। दहेज से विजेंद्र संतुष्ट नहीं था। मोटरसाइकिल की मांग करता था। दवा दिलाने के बहाने ले जाकर मिथलेश की हत्या गोली मारकर की है। डीजीसी ने बताया कि सभी गवाहों के बयान और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने विजेंद्र सिंह को दहेज हत्या का दोषी ठहराया। जिसके लिए उसे आजीवन कारावास तथा 35 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।