विधानसभा चुनाव 2017 के लिए 11 फरवरी को मतदान होना है। चुनाव मैदान में उतरने वाले कई प्रत्याशियों के नाम अब तक आ चुके हैं और कई प्रत्याशियों के नाम अभी आने बाकी हैं। राजनैतिक दलों के लोग आधी आबादी के वोट तो चाहते हैं लेकिन उनके मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं जाता। जबकि महिलाओं के मुद्दे सुशासन और बुनियादी सुविधाओं से ही जुड़े हैं। महिलाओं से फोकस ग्रुप में अमर उजाला ने गीता अग्रवाल के आवास पर चर्चा की। महिलाओं ने अपनी बातें रखीं और उनके समाधान की मांग उठाईं। महिलाओं के मन में यह भी टीस थी, जब चुनाव होते हैं तब ही नेता नजर आते हैं। नेताओं को हर माह जनता से संवाद कायम करना चाहिए जिससे उन्हें समस्याओं की जानकारी हो सके। जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो महिलाओं की सुरक्षा के लिए कार्य करें।
जनप्रतिनिधि की योग्यता को देखकर उसका चयन होना चाहिए, जो मौके पर जनता के साथ खड़ा नजर आए। नगर में बिजली की काफी दिक्कत रहती है। पिछले समय में बिजली की परेशानी से काफी दिक्कतें हुईं हैं। इस समस्या का समाधान होना जरूरी है
- गीता अग्रवाल गृहणी
समाज में सुरक्षा की गारंटी हर सरकार और हर जनप्रतिनिधि को देनी चाहिए। सबसे ज्यादा परेशानी सुरक्षा को लेकर मन में रहती है। कभी भी कुछ भी वारदातें घट जाती हैं जिसको लेकर मन में भय बना रहता है। सुरक्षा के मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं देता।
- रेखा सिंघल गृहणी
बच्चों की शिक्षा के संसाधनों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। कान्वेंट स्कूलों में शिक्षा काफी महंगी है। कोई भी अच्छा सरकारी कान्वेंट स्कूल नहीं है। जहां अच्छे वातावरण में बच्चों को पढ़ाया जा सके। हर जनप्रतिनिधि शिक्षा के मुद्दे पर मौन नजर आता है।
- रितु शर्मा ब्यूटीशियन
महिलाएं जहां नौकरी के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं वहीं कारोबार के क्षेत्र में भी महिलाओं को आगे बढ़ाए जाना जरूरी है। महिला कारोबारी और उद्यमियों को ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाए। महिला कारोबारियों को कर में भी छूट प्रदान की जाए।
- रीता अग्रवाल रेडीमेड कारोबारी
महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं देता है। उनके मुद्दे की हर सरकार उपेक्षा करती है। महिलाएं असुरक्षित हैं। सुरक्षा के कड़े प्रबंध होने चाहिए। प्रत्याशी का चयन करते समय उसके क्रियाकलापों पर भी ध्यान देना चाहिए।
- मयूरी जैन चार्टर अध्यक्ष इनरव्हील संजीवनी
नेताओं को वोट लेने के लिए चुनाव के समय ही याद आती है, लेकिन जनता की परेशानियों पर उनका ध्यान नहीं जाता। नगर में जाम की समस्या सबसे बड़ी है, लेकिन जाम की समस्या का समाधान कोई नहीं करता।
- संगम अग्रवाल गृहणी