सदर तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत अधिवक्ता
एटा। तहसील सदर में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया तहसील में लंबे समय से भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है और राजस्व से जुड़े कार्यों में निजी व्यक्तियों का दखल बढ़ता जा रहा है। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को शिकायत सौंपने की बात कही है।
तहसील सदर परिसर में दोपहर बाद अधिवक्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते पूरा परिसर नारेबाजी से गूंज उठा। तहसीलदार भ्रष्टाचार बंद करो, दलाली प्रथा खत्म करो, प्राइवेट कर्मचारी हटाओ जैसे नारे अधिवक्ताओं ने जोरदार तरीके से लगाए। प्रदर्शनकारी वकीलों ने कहा कि प्रशासन की शिथिलता का फायदा उठाकर कुछ निजी लोग राजस्व कार्यों में गहरी पैठ बना चुके हैं जो आम नागरिकों व किसानों से पैसे वसूल रहे हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओमकार सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार की जानकारी में निजी व्यक्तियों को बैठाकर फाइलों के निस्तारण, नामांतरण, रसीद, फर्द, एनओसी और रिपोर्ट संबंधी कार्यों में अवैध रुप से वसूली कराई जा रही है। कहा कि सरकारी तहसील में निजी कर्मचारियों की भूमिका पूरी तरह अवैध है फिर भी वे खुलेआम कार्यालय में बैठे दिखाई देते हैं।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्व और प्रशासनिक कार्यों में किसी भी कीमत पर प्राइवेट लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा लेकिन तहसील सदर में इन आदेशों का पालन नहीं होता। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर इस पूरे प्रकरण की शिकायत करेगा और जांच की मांग करेगा। इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह राठौर एडवोकेट, उपाध्यक्ष मनोज कुमार एडवोकेट, संरक्षक डॉ. कृपाल सिंह मानव एडवोकेट, सुभाष सक्सेना, देवेंद्र सिंह एडवोकेट, चतुरीलाल वर्मा, निशाकांत वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।