एटा। हापुड़ कांड को लेकर लगातार चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन ने बृहस्पतिवार को तेजी पकड़ी। जिला मुख्यालय और दोनों तहसील मुख्यालयों पर प्रदेश सरकार के पुतले जलाए गए। जिला मुख्यालय पर वकीलों ने स्टांप बिक्री और नोटरी का काम रुकवा दिया और फोटोस्टेट-कंप्यूटर की दुकानें भी बंद कराईं।
सरकार का पुतला दहन का कार्यक्रम पहले से तय था। इसको लेकर सुबह के समय अधिवक्ता कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन पर एकत्रित हुए। यहां बैठक कर आगे के आंदोलन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद एकत्रित होकर दीवानी परिसर, एसएसपी कार्यालय तक जुलूस निकाला और सरकार व पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी की। बाद में कचहरी चौराहे पर आकर सरकार का प्रतीकात्मक पुतला जलाया।
बार अध्यक्ष अशोक सिंह सिकरवार ने बताया कि इस बीच समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी सहित अन्य पदाधिकारी कलेक्ट्रेट बार पहुंचे और अधिवक्ताओं के आंदोलन में अपना समर्थन पत्र बार अध्यक्ष को सौंपा। पूर्व विधायक अमित गौरव यादव, भूपेंद्र प्रजापति, आकाश यादव, आलोक यादव, प्रशांत यादव, धीरेंद्र सिंह, सरफराज़ बबलू आदि मौजूद थे। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी विधि प्रकोष्ठ के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन दिया।
पूर्व सांसद सत्या बहन, जिलाध्यक्ष गंगा सहाय लोधी, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अनिल सोलंकी, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष संतोष गौतम एडवोकेट, मोहम्मद इरफान एडवोकेट पीसीसी, गीतम सिंह राजपूत, नैना शर्मा एडवोकेट पीसीसी आदि रहे। भारतीय किसान यूनियन (हलधर) के पदाधिकारियों ने भी समर्थन दिया।
प्रदर्शन कर विधानसभा के घेराव की चेतावनी
जलेसर/अलीगंज। तहसील में अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। जल्द मांगे पूरी न होने पर विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी। भाकियू (किसान) के पदाधिकारियों ने आंदोलन को समर्थन दिया। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष विजय कुमार सिंह और महामंत्री शीलेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार किसी के बहकावे में आकर हमारी सुनवाई नहीं कर रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता रामगोपाल सिंह, सुरेंद्र पचौरी, द्विजेंद्र यादव, उपेंद्र यादव, जीवेंद्र प्रताप सिंह रहे।
अलीगंज पुरानी तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। बार अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस पुरानी तहसील परिसर में पहुंची, तब तक पुतला जला दिया गया था। सचिव अनिल कुमार अवस्थी, वेद प्रकाश यादव, रवेंद्र पाल पांडे, आनंद शाक्य, कमलेश कुमार, सुधीर कुमार शाक्य, नरेश कश्यप आदि रहे। संवाद