एटा। कोरोना संक्रमण काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों की भर्ती की गई थी। इस दौरान विभिन्न पदों पर 60 कर्मी जिले में भर्ती हुए थे। लेकिन कर्मियों को नौ माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे कर्मी परेशान हैं। मंगलवार को कर्मियों ने सीएमओ से मुलाकात कर गुहार लगाई।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जिले में वेंटीलेटर ऑपरेटरों सहित इमरजेंसी में ड्यटी करने वाले कर्मचारियों व कंप्यूटर ऑपरेटर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती किए गए थे। जिले में 40 कर्मियों को भर्ती किया गया था। इसमें दस कर्मी दूसरे जनपदों के रहने वाले हैं। कर्मी तभी से लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। बीते नौ माह से इनको मानदेय नहीं मिला है।
मंगलवार को सीएमओ कार्यालय पर पहुंचे। इनका कहना था कि दूसरे जनपदों में लगे कर्मियों का मानदेय आ गया है, लेकिन यहां कोई कुछ बता ही नहीं रहा है। इससे हम लोग भुखमरी के कगार पर जा पहुंचे हैं। सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि पहले इसमें बजट की समस्या थी। डीएम द्वारा पत्राचार किया गया था। दो दिन पहले बजट आया है। लेकिन जनपद के लिए बहुत कम है। इसको लेकर दोबारा पत्राचार किया जा रहा है। ऊपर से कुछ गड़बड़ी हुई है। एक दो दिन में बजट आते है कर्मियों का मानदेय दे दिया जाएगा।