कोषागार के डबल लॉक में घुसने को लेकर कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से हुए विवाद के बाद अधिवक्ता भड़क गए। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कोषाधिकारी ने अध्यक्ष सहित अन्य साथियों पर कोषागार में कुर्सियां, स्टांप फेंकने एवं धमकी आदि देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कोषागार में जिलाधिकारी के आगमन को देखते हुए तैयारियां चल रहीं थीं। द्वितालक कक्ष में रखी बहुमल्य वस्तुएं, स्टांप आदि की गणना एवं सत्यापन का कार्य उपजिलाधिकारी भरतलाल सरोज, प्रशिक्षु उपजिलाधिकारी संदीप कुमार वर्मा, तहसीलदार न्यायिक विनोद कुमार की मौजूदगी में वरिष्ठ कोषाधिकारी संदीप कुमार, सहायक कोषाधिकारी मुन्ना लाल, उपरोकड़िया संजीव कुमार व रामसरन की सहायता से कराया जा रहा था। इसी बीच कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जय कुमार सक्सेना वहां पहुंच गए। जब वे द्वितालक कक्ष में जाने लगे तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया। काफी संख्या में अधिवक्ता मौके पर एकत्रित हो गए। अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सूचना पर सीओ शैलेंद्र लाल भी मौके पर आ गए। इस मामले में वरिष्ठ कोषाधिकारी ने पुलिस को तहरीर दी कि अधिवक्ताओं ने कुर्सियां, स्टांप आदि बहुमूल्य वस्तुओं को इधर उधर फेंक दिया। अधिवक्ता ने धमकी दी। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से की शिकायत
कासगंज। कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयकुमार सक्सेना का कहना है कि वे जिलाधिकारी के तहसील आगमन को देखते हुए। कार्यक्रम की जानकारी करने के लिए वहां गए थे। उनके साथ में डिस्ट्रीक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अब्दुल वाजिद व अन्य अधिवक्ता मौजूद थे। वे एसडीएम से मिलना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। पीठासीन ट्रेजरी ऑफिसर ने पुलिसकर्मियों को बुलाकार कोषागार कार्यालय से बाहर निकलवा दिया। उन्होंने जिलाधिकारी मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।