राजधानी लखनऊ में चाचा-भतीजे के सियासी संग्राम से प्रदेश के सभी कार्यकर्ता सकते में हैं। मंगलवार को कार्यकर्ता लखनऊ से लौट आए हैं। उनका कहना है शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से माइक छीनकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। उन्होंने इसे मर्यादा के विपरीत बताया है। सूत्रों के मुताबिक इस संग्राम के बाद रार और बढ़ेगी। कई उम्मीदवारों के टिकट भी बदले जा सकते हैं। वहीं, चर्चा में सदर और अलीगंज विस से सपा उम्मीदवारों के टिकट बदलना भी शामिल है। उधर, सपाइयों में टकराव की आशंका को लेकर जिला पुलिस भी अलर्ट है। सभी प्रमुख कार्यकर्ता और नेता उनकी रडार पर हैं।
लखनऊ में मंगलवार की सुबह लौटे कार्यकर्ताओं पर प्रशासन और पुलिस की नजर बनी हुई है। वहीं खुफिया तंत्र उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, सियासी ड्रामे को लेकर कार्यकर्ता हर जगह चर्चा करते नजर आ रहे हैं। जिले में शिवपाल सिंह यादव और रामगोपाल यादव दोनों बड़े सियासी दिग्गज हैं। इसके चलते कल तक जो लोग शिवपाल सिंह यादव का पलड़ा समाजवादी पार्टी में भारी बता रहे थे, वही कार्यकर्ता लखनऊ से लौटे समर्थकाें से मिलने के बाद अखिलेश यादव के पक्ष में बाते करने में लगे हैं। इसके चलते शहर में चर्चा आम हो चली है कि आनवाले समय में हालात जैसे ही हो सदर या अलीगंज विधानसभा सीट का उम्मीदवार बदला सकता है।
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सरकारी कार्यालयों और चाय के खोके पर भी खूब हुई सियासत
राजधानी में चाचा-भतीजे के बीच लेकर मंगलवार को सरकारी कार्यालयों में अधिकारी से लेकर चपरासी तक चर्चा करते दिखे। कोई पाटी पर उत्तराधिकारी लड़ाई, तो कोई सफई परिवार की नई पीढ़ी की सोच में अंतर तो कोई भ्रष्टाचार और सपा मुखिया की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता द्धारा सैफई परिवार में झगड़ा कराने की बात करता दिखा। सबसे ज्यादा चर्चा विस चुनाव में फायदे और नुकसान पर हुई।