फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खनन पर रोक से थमा विकास का पहिया

Tue, 30 Aug 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
विज्ञापन
ठप है बदरपुर बालू की सप्लाई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
अवैध खनन पर सीबीआई जांच के कारण एटा समेत पूरे प्रदेश में बदरपुर बालू की सप्लाई प्रभावित है। इससे निर्माणाधीन विकास कार्यों पर एक तरह से ब्रेक लग गया है। इससे कार्यदायी संस्थाओं के ठेकेदार परेशान हैं। वहीं अफसर 30 सितंबर तक विकास कार्य पूरे करने के अल्टीमेटम को लेकर चिंतित हैं। 
विज्ञापन

जिले में देखें तो इस समय पीडब्लूडी के करीब 60 करोड़, समाज कल्याण और आरईएस के 30-30 करोड़, निर्माण निगम के 25 करोड़ और जिला पंचायत के लगङग तीन करोड़ रुपये के निर्माण कार्य चल रहे हैं। टेंडर होने के बाद ठेकेदारों ने निर्माण शुरु कर दिया था। इसी बीच अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश हो गए। इसे देखते हुए प्रदेश में बदरपुर, बालू की आपूर्ति प्रभावित हो चुकी है। इससे सड़क, नाली, सीसी मार्ग, भवन निर्माण आदि के कार्यों में ब्रेक लग गया। यही नहीं लोहिया समग्र गांव योजना में चयनित गावों के भी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जबकि शासन ने सभी कार्य 30 सितंबर तक कराने का अल्टीमेटम अफसरों को दिया है। इससे ठेकेदार परेशान हैं। अफसरों की नींद उड़ी हुई है। खनन अधिकारी ब्रज बिहारी प्रसाद ने माना की खनन पर सीबीआई जांच बैठने के बाद बालू और बदरपुर की आवक प्रभावित हुई है। 
---------
क्या कहते हैं ठेकेदार
आरईएस विभाग में ठेकेदारी करने वाले विमल कुमार ने बताया कि उनके पास लोहिया गांवों में सीसी और नाली निर्माण का ठेका है। इधर, बदरपुर की सप्लाई नहीं होने से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। बताया कि पहले बदरपुर से भरा ट्रक 40-45 हजार रुपये मिल रहा था, लेकिन अब 80 हजार में भी उपलब्ध नहीं है। कमोवेश यही हाल0 बालू के हैं। बालू से भरा जो ट्रक 17 से 20 हजार में मिल रहा था, वही बालूभरा ट्रक 25 से 30 हजार में नहीं मिल रहा। इससे लोहिया योजना में चयनित 22 गावों में सीसी मार्ग और नालियाें का निर्माण ठप पड़ा है।  
विज्ञापन

------------------------
फुटकर बदरपुर-बालू विक्रेता संजीव जादौन ने कहा पहले लोग निजी निर्माण के लिए 20 से 25 ट्रॉली और बालू ले जाते थे, लेकिन जब से बालू का रेट 12 से बढ़ कर 20 रुपये फीट और बदरपुर का रेट 40 से बढ़ कर 80 रुपये फीट हुआ है, लोगों ने निजी निर्माण बंद कर दिए हैं। बदरपुर के स्थान पर पत्थर का चूरा (डस्ट) बिक रहा है। बालू बाजार में नहीं मिल रही है। सरकारी निर्माणों के ठेकेदार किसी भी कीमत पर बदरपुर और बालू खरीदने को तैयार हैं, लेकिन आपूर्ति ही नहीं हो रही।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें