दो हजार की आबादी वाला डीएम अजय यादव का गोद लिया गांव गाजीपुर पहौर खारे पानी की समस्या से जूझ रहा है। गांव के समीप सराय मीर में छह साल पहले नल सही कराए गए थे। कुछ दिन तक पानी मिला उसके बाद नल सूख गए। गांव में डेढ़ साल पहले पेयजल टंकी का निर्माण हुआ, लेकिन एक तिहाई ग्रामीणों तक पानी नहीं पहुंच रहा। इसके चलते ग्रामीण आधा किमी दूर तालाब पर लगे हैंडपंप से पानी ढोकर लाते हैं। शुक्रवार को अमर उजाला टीम गांव में पहुंची तो यहां डीएम अजय यादव भी मौजूद मिले। ग्रामीणाें ने पेयजल समस्या से डीएम को अवगत कराया।
गाजीपुर पहौर के ग्राम प्रधान केशव कुशवाह ने बताया कि गांव में खारे पानी की समस्या कई दशक पुरानी है। प्रधान की माने तो छह साल पूर्व सराय मीर में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आई तब प्रशासन ने हैंडपंप रीबोर करा कर वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था करा दी थी। इसके बाद हैंडपंप खराब हो गए। डेढ़ साल पहले गांव में पेयजल टंकी का निर्माण हुआ, लेकिन पानी की टंकी से आज तक पूरे गांव को पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव ऊंचाई पर होने के कारण टंकी के पानी का प्रेशर अधिक होने से पाइप लाइन फट गई है। पाइप लाइन कई स्थानों से लीक हो रही है और कई स्थानाें पर टूटी है। इसके चलते गांव की दो तिहाई आबादी को गांव के बाहर तालाब पर लगे हैंडपंप से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान की माने तो कई बार पानी भरने को लड़ाई झगडे़ तक हो जाते हैं। शुक्रवार को अमर उजाला टीम गाजीपुर पहौर पहुंची। ग्रामीण दोपहर में सिर और साइकिल पर पानी ढोकर घर ले जा रहे थे। गांव में मौजूद डीएम अजय कुमार यादव को ग्रामीणाें ने पेयजल समस्या बताते हुए पूरे गांव में टंकी का पानी नहीं पहुंचने की बात कही है। डीएम अजय कुमार यादव ने जल्द ही ग्रामीणों का पेयजल समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया है।
अफसरों को ग्राउंड वाटर लेवल से लेकर पानी की गुणवत्ता तक की जानकारी नहीं है। जल निगम के अधिशासी अभियंता अवनेंद्र सिंह भाटी से पूछा गया तो उन्होंने भूगर्भ जल स्तर का मामला आगरा से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उनका विभाग जहां हैंडपंप लगाता हैं वहीं का वॉटर लेवल और पानी गुणवत्ता चेक करते हैं। भाटी ने कहा कि केवल सकीट क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता खराब मिली है। बाकी सब स्थानों पर ठीक है।
ग्रामीणों ने पेयजल और पानी टंकी की पाइप लाइन टूटी होने की समस्या बताई है। जल्द ही जल निगम अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों को जल्द खारे पानी से निजात मिले। इसके लिए हर संभव प्रयास होगा।
डीएम अजय कुमार यादव
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई स्थानों पर खारा पानी और कई स्थानों पर मीठा पानी है। जिस स्थान पर पानी की टंकी लगी हैं वहां पर मीठा पानी है, लेकिन उसकी सप्लाई पूरे गांव तक नहीं पहुंच रही। इसके चलते आधे से ज्यादा ग्रामीण गांव के बाहर तालाब पर लगे नल से पानी लाते हैं। जबकि ऊंचाई पर बने मकानों के लोग आधा किमी दूर से लाकर ही पीने को मजबूर हैं।