एटा/सकीट। रमजान माह शुरू हो गया। पहले दिन का रोजा रख अकीदतमंदों ने इबादत कर अल्लाह से दुआ अमन, चैन और बरकत की दुआएं कीं। साथ ही मस्जिदों में तरावही पढ़ाई गईं और रमजान माह की अहमियत बताई।रमजान माह शुरू होते ही मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में उल्लास बढ़ गया है। मस्जिदों में तरावीह पढ़ाई जा रही हैं। साथ ही लोग घरों में अपने-अपने हिसाब से रोजे रखते हुए अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। शुक्रवार को मस्जिदों में इमाम और मौलानाओं ने बताया कि रमजान इस्लाम को मानने वालों के लिए फर्ज है। इस पाक माह में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं जो लोग इस महीने में नेक काम करते हैं, अल्लाह उन्हें नेकियों से मालामाल कर देता है।
सकीट में मौलाना सरवर अली ने कहा कि रमजान वह महीना है, इसमें अल्लाह ने अपनी पाक किताब कुरआन शरीफ को बंदों की रहनुमाई के लिए इस जहां में उतारा। इस पाक माह में अल्लाह जन्नत के दरवाजे खोल देता है। दोजख के दरवाजों को बंद कर देता है। वहीं शैतान को कैद कर लेता है।