एटा। बीते दिनों शासन से निर्देश जारी हुए कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों से पुरुष शिक्षक हटाए जाएं। उनका नवीनीकरण न किया जाए। उनके स्थान पर महिलाओं को भर्ती किया जाए। इसके बाद से पुरुष शिक्षक लगातार विरोध जताकर अधिकारियों को ज्ञापन दे रहे हैं। वहीं अब मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी है। जबकि जिले में 25 पुरुष शिक्षक कार्यरत हैं। शिकायत कर्ता विनोद कुमार ने मानवाधिकार आयोग से की गई शिकायत में बताया वह पिछले 17 से 18 वर्ष से विद्यालयों में अध्ययन करने वाली बालिकाओं को शिक्षित करने का कार्य कर रहे हैं। वही उनकी देखरेख करते हैं। अधिकांश कर्मचारी आयु सीमा पूरी कर चुके हैं। ऐसी स्थित में किसी अन्य जगह नौकरी करने के लायक नहीं रहे हैं।
सेवा से बाहर होने पर इनके जीवन व परिवार दोनों के लिए बड़ा संकट है। बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को निकालने की बात कही जा रही है। जबकि पुरुष स्टाफ गैर आवासीय रहता है। पुरुष शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है।