सिंचाई विभाग के बाबू का घर खंगाला
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आय से अधिक संपत्ति के मामले में एंटी करप्शन विभाग द्वारा रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी समाज कल्याण विभाग के बाबू पर विभागीय अफसरों ने अभी तक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। अब जैथरा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने उमर उजाला द्वारा प्रकाशित खबर की कटिंग के साथ मामले की शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सचिव मुथु कुमार स्वामी की। सचिव ने निदेशक समाज कल्याण विभाग को अनुशासनात्मक कार्रवाई और बाबू के खिलाफ 2005 के बाद अर्जित की गई संपत्ति की जांच कराने के आदेश दिए हैं।
दरअसल समाज कल्याण विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात रामसिंह कश्यप एटा में वर्षों से तैनात है। बीच में एक दो बार ट्रांसफर पर जाकर लौट आया। किसी ने बाबू के खिलाफ शिकायत की तो एंटी करप्शन विभाग ने कश्यप के खिलाफ गुप्त जांच की। जांच में 1992 से लेकर 2005 तक अर्जित संपत्ति की जांच हुई तो बाबू की कुल आय 93,8,087 लाख रुपये थी, लेकिन बाबू ने 14 साल में संपत्ति खरीदने और लग्जरी मेंटेन करने पर 4,088,79,59 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। एंटी करप्शन विभाग का आरोप था कि बाबू ने 14 साल में आय के मुताबिक 3,14, 9, 872 अधिक खर्च किए। आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि होने पर एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर पूरन सिंह ने विगत तीन जून को फर्रुखाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने के बाद भी समाज कल्याण विभाग ने बाबू पर कोई कार्रवाई नहीं की। अब जैथरा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार की शिकायत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सचिव मुथु कुमार ने निदेशक समाज कल्याण विभाग को आरोपी बाबू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और बाबू द्वारा 2005 से अभी तक अर्जित संपत्ति की जांच के आदेश दिए हैं। विभाग के एक बाबू ने बताया कि रामसिंह कश्यप का मैनपुरी ट्रांसफर हो चुका है, लेकिन वह एटा छोड़ना नहीं चाहता और रिलीव हुए बिना छुट्टी पर जा चुका है। शिकायत में सुनील कुमार ने रामसिंह द्वारा 2005 में भाई और पत्नी के नाम बेशुमार संपत्ति खरीदी है और उसके कई कॉलेज चल रहे हैं।