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कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए रहेगी दो प्लाटून पीएसी

Wed, 29 Jul 2015 07:01 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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तीर्थनगरी में 31 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेला की प्रशासन ने तैयारियां करना शुरू कर दिया है। डीआईजी गोविंद अग्रवाल बुधवार को लहरा घाट पहुंचे। उन्होंने घाट पर लोगों और कांवड़ियों से बात कर उनकी समस्याओं को जाना।
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घाट पर एडीएम बीएम मिश्र के साथ प्रशासन के द्वारा जुटाई जा सकने वाली व्यवस्थाओं पर चर्चा की। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए दो प्लाटून पीएसी तैनात करने को कहा। जिसमें एक घाट पर कैंप करेगी दूसरी घाट से तीर्थनगरी के 7 किलोमीटर के मार्ग पर तैनात रहेगी। गंगा के तेज बहाव और पानी की गहराई अधिक होने के कारण पुलिस, गोताखोर तैनात करने को कहा। एडीएम बालमयंक मिश्र ने नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी बुद्धसेन शर्मा को घाट से लहरा गांव तक के 3 किलोमीटर के कच्चे रास्ते पर बल्लियां लगाकर बेरीकेडिग करने और जेनरेटर द्वारा वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था का प्रबंध करने के निर्देश दिए। वहीं गहरे पानी में निशान लगाए जाने के निर्देश दिए, जिससे लोग गहरे पानी में जाने से बच सकें और हादसा न हों। इस मौके पर एसपी हिमांशु कुमार, एएसपी राधेमोहन भारद्वाज, सीओ सदर एके सिंह, सीओ सहावर राजाराम प्रभारी निरीक्षक सुरेशचंद्र, जेई नरेशचंद द्विवेदी, प्रधान लिपिक कमाल हसन मौजूद रहे।

पालिका ने कांवड़ मेले की तैयार की योजना
कांवड़ मेले में तीर्थनगरी आने वाले श्रद्धालु शिवभक्तों को कोई परेशानी न हो इसके लिए पालिका ने सफाई, प्रकाश और पेयजल की व्यवस्था बनाई है। पालिका अध्यक्ष अर्चना पप्पू यादव ने बताया कि लहरा गांव से लहरा घाट तक तीन किमी. के कच्चे मार्ग पर बल्लियां लगाकर जेनरेटर से लाइट की व्यवस्था की जाएगी। लहरा गांव से कुष्ठ आश्रम तक और नवदुर्गा मंदिर से तीर्थनगरी तक के मार्ग पर भी वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था का प्रबंध किया गया है। लहरा घाट से तीर्थनगरी तक के आधा दर्जन चयनित स्थानों पर वाटर टैंक रखवाए जाएंगे। कांवड़ियों के तीर्थनगरी से निकलने के मार्गों व हरि की पैड़ी क्षेत्र में नियमित विशेष सफाई व्यवस्था का प्रबंध किया गया है।  
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घाट पर पहुंचने लगे कांवड़िए
शुक्रवार से शुरू हो रहे कांवड़ मेले से पूर्व कांवड़िए तीर्थनगरी पहुंचने लगे हैं। जत्थे तीर्थनगरी बाजार से कांवड़ और उन्हें सजाने के सामान की खरीदारी कर रहे हैं। भगवान भोले भंडारी का गुणगान करते हुए गंगाजली में जल भरकर कांवड़ों में रख रहे हैं। सावन माह के इन घाटों पर शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, भरतपुर, धौलपुर आदि स्थानों से कांवड़ियों के आने का क्रम जारी है।

भागीरथी धार तक तीन किमी का रास्ता दिक्कत भरा
भागीरथी गंगा की धार लहरा घाट से भी तीन किमी. आगे है। यह पैदल रास्ता कांवड़ियों के लिए दुर्गम है। जगह जगह गड्ढों में जलभराव, दलदली जमीन, उथली जमीन होने के कारण कांवड़ कंधों पर रखकर पैदल चलने में दिक्कत होती है। रेतीले मार्ग पर दोनों ओर ऊंची ऊंची झाड़ियां भी परेशानी का सबब बनती हैं। शिवपुरी से कॉवर में गंगाजल भरने आये शिवचरन ने बताया पैदल यह दूरी तय करना मुश्किल है।
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