मन में आस्था की लो जगाए निरंतर बम भोले, गंगा मइया के जयकारों के साथ कांवड़ियों के कदम बढ़ रहे हैं। न थकने की चिंता न माथे पर दूरी की शिकन, बस लगन है तो बस अपने आराध्य को मनाने की। भक्ति और आस्था में डूबे श्रद्धालु अपने आराध्य को मनाने के लिए इस कठिन साधना पर चल पड़े है। गंगा घाट से अपनी कांवड़ को सजाकर सैकड़ों भक्त जब गंगा मइया, भगवान शंकर के जयकारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से निकलते हैं तो माहौल भक्तिमय बन जाता है।