फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etah News: दिवाली की मिठास बढ़ाएगी काजू कतली, सोनपपड़ी व बालूशाही

Mon, 06 Nov 2023 10:58 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा। त्योहार नजदीक आते ही मिठाई विक्रेताओं की दुकानों पर हलचल और रौनक बढ़ गई है। नामचीन दुकानों पर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। गिफ्ट पैक तैयार किए जा रहे हैं। इन मशहूर दुकानों की काजू कतली, सोनपपड़ी व बालूशाही आपकी दिवाली की मिठास बढ़ाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन

दिवाली का त्योहार नजदीक है। इस दिन लगभग हर घर में मिठाई खाने-खिलाने का चलन है। खूब शौक से लोग अतिथियों का सत्कार भी मिठाई से करते हैं। इसके लिए अच्छी मिठाइयों को खरीदने के लिए प्रसिद्ध मिष्ठान विक्रेताओं की दुकानों पर दिन-दिन भर भीड़ लगी रहती है। साथ ही एक-दूसरे को उपहार में भी मिठाई के डिब्बे देने का चलन है। इसके लिए अभी से तमाम विक्रेताओं को ऑर्डर मिल चुके हैं और मिठाई के पैक तैयार किए जा रहे हैं। यूं तो बाजार में हर प्रकार की मिठाई उपलब्ध है, लेकिन सबसे ज्यादा मांग काजू कतली, सोनपपड़ी तथा बालूशाही की है। शहर के लोग इन मिठाइयों को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। मिठाई विक्रेताओं का कहना है कि ये मिठाइयां 3 से 4 दिन तक खाने योग्य रहती हैं। इसलिए इनकी बिक्री ज्यादा होती है।
-
रंग-बिरंगी चमकदार मिठाई हो सकती है खतरनाक
शहर के बस स्टैंड से लेकर तहसील तक जीटी रोड, शिकोहाबाद रोड के साथ ही अन्य स्थानों पर मिठाई की कई दुकानें हैं। जहां रंग-बिरंगी और चमकदार मिठाई रखी नजर आती हैं। इन मिठाइयों में मिलावटी मावा, अखाद्य रंग या अधिक मात्रा में खाद्य रंग मिला होने की संभावना होती है। ऐसी मिठाइयां सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इस बारे में शहर के वरिष्ठ डॉ. निर्मल कुमार जैन ने बताया कि मिलावटी व अखाद्य रंग वाली मिठाइयों को खाने से सेहत बिगड़ सकती है। मावे के साथ जो रंग या अन्य चीजें मिठाई बनाने में मिलाई जाती हैं, वो ज्यादा समय तक नहीं खा सकते। इनकी वजह से उल्टी, दस्त डायरिया के साथ ही अन्य पेट संबंधी विकार हो सकते हैं।
विज्ञापन

-
नहीं लिखी काउंटर या डिब्बे पर समाप्ति तिथि
खाद्य सुरक्षा विभाग के आदेशों के बाद भी शहर के मिठाई विक्रेता मिठाई की समाप्ति तिथि नहीं लिख रहे हैं। न तो काउंटर पर मिठाइयों की ट्रे में इसे लगाया जा रहा है और न ही डिब्बे पैक करते समय लिखा जा रहा है। इसकी वजह से पता ही नहीं चलता कि मिठाई कब बनी और कब तक खाई जा सकती है। एक दुकानदार ने बताया कि त्योहार पर काउंटर के ऊपर मिठाई की समाप्ति तिथि लिख देते हैं। मगर किसी भी मिठाई विक्रेता के काउंटर या मिठाई के डिब्बे पर समाप्ति तिथि लिखी दिखाई नहीं दी।
मिठाई के अलावा सूखे मेवे के पैकेट भी आ रहे पसंद
मिठाई के साथ ही गिफ्ट के तौर पर सूखे मेवे की भी काफी मांग है। इसके कारण गिफ्ट की दुकानों के अलावा छोटे से लेकर बड़े मिठाई विक्रेताओं के यहां भी इनके पैक सजाए गए हैं। व्यापारी संजीव कुमार ने बताया कि ग्राहकों की मांग को देखते हुए सूखे मेवे के अलग-अलग मात्रा और मूल्य के पैकेट बनाए जा रहे हैं। जिनकी कीमत 450 से 4000 रुपये तक रखी गई है।
-
ये है बाजार में मिठाइयों की कीमत
काजू कतली- 800 से 900 रुपये प्रति किग्रा
काजू रोल- 900 रुपये प्रति किग्रा
काजू कलश व काजू लड्डू - 1000 रुपये प्रति किग्रा
सोनपपड़ी व बालूशाही- 500 रुपये प्रति किग्रा
बंगाली मिठाई- 320 से 450 रुपये प्रति किग्रा
मावा बर्फी- 400 500 रुपये प्रति किग्रा
मोतीचूर के लड्डू- 500 रुपये प्रति किग्रा
-
अभी तो ठीक मिठाई मिल रही है। दिवाली नजदीक आने पर मिलावट और पुरानी मिठाई की संभावना उतनी ही बढ़ती जाएगी। इसलिए मिठाई लेते समय पूछ लेते हैं कि कब बनी है। -शिवा चौहान, डाक बगलिया, ग्राहक
-
बाजार से लाकर ज्यादा दिन तक रखकर मिठाई नहीं खानी चाहिए। ज्यादा दिन तक रखी हुई मिठाई खाने से परेशानी हो जाती है। इसलिए हम दिवाली वाले दिन ही बाजार से मिठाई खरीदते हैं। -आरती देवी, छछैना, ग्राहक

हम उतनी ही मिठाई बनाते हैं जितनी प्रतिदिन खपत हो जाए। इसके अलावा 2 से तीन दिन चलने वाली मिठाई भी बिक्री के मुताबिक बनाते हैं। ग्राहकों को निर्माण व समाप्ति तिथि भी जरूर बताते हैं। -अवनीश कुमार गुप्ता, दुकानदार
-
मिठाई बनाते समय साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके अलावा मिठाई के लिए मावा बनाने से पहले दूध की जांच भी कराते हैं। उतनी ही मिठाई बनवाते हैं, जितनी प्रतिदिन बिक्री हो जाए। -संजीव कुमार जैन, दुकानदार
मिठाइयों की अवसान तिथि लिखने में व्यापारी नियमितता नहीं बरत रहे हैं। सोमवार को निरीक्षण के दौरान अधिकांश दुकानों पर यह नहीं पाई गई। इसके लिए व्यापारियों को चेताया गया है। ताकि ग्राहकों को मिठाई के बारे में जानकारी हो सके। - डॉ. श्वेता सैनी, उपायुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें