एटा। जिले में राशन कार्ड धारकों की पड़ताल के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। इस दौरान 2.88 लाख कार्डधारकों के घर-घर जाकर उनकी हकीकत देखी जाएगी। अपात्र मिलने वालों को अलग कर दिया जाएगा और पात्रों को जगह दिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्डधारकों को सस्ता और निशुल्क राशन सरकार की ओर से मुहैया कराया जाता है। इसमें तय किया गया था कि शहर की 50 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र की 75 प्रतिशत आबादी को इस अधिनियम के तहत लाभार्थी बनाया जाएगा। जिले में इन दोनों ही क्षेत्रों के कोटा पूरे हो गए हैं। ऐसे में किसी का नया राशन कार्ड बनाना संभव नहीं होता। भले ही वह पात्रता सूची के दायरे में आता हो, लेकिन उसे लाभ नहीं मिल पाता। जबकि राशन कार्ड धारकों में तमाम लोगों के अपात्र होने की शिकायतें आम हैं। अक्सर ऐसे लोगों के नाम सामने आते रहते हैं जो अधिनियम की पात्रता की सीमा में आते ही नहीं हैं।
इसे लेकर ही सरकार ने सभी राशन कार्ड धारकों का सर्वे कराने के लिए कहा है। इसके लिए प्रशासन स्तर पर तैयारियां शुरू करा दी गई हैं। जिले में 288059 लोगों के पात्र गृहस्थी राशन कार्ड बने हुए हैं। जिनके 12.73 लाख सदस्यों के लिए राशन लिया जा रहा है। इन सभी राशन कार्ड धारकों की जांच की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी कार्डधारकों की जांच कराई जाएगी। खंड विकास अधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों की मदद से यह सर्वे किया जाएगा। जिसके बाद अपात्रों के नाम हटा दिए जाएंगे। जिससे पात्र आवेदकों को अवसर मिल सके।