तीस लाख से अधिक की प्रापर्टी खरीदने वाले और खाते में दस लाख से अधिक कैश जमा करने वाले आयकर विभाग के निशाने पर है। विभाग ने ऐसे पांच सौ लोगों की सूची तैयार कर नोटिस भेजने की तैयारी कर ली है। विभाग नोटिस में प्रापर्टी खरीदने और जमा किए गए कैश के संबंध में आय का श्रोत पूछेगा। विभाग उन लोगों को भी कार्रवाई की जद में ले रहा है जो पहले रिटर्न दाखिल करते थे लेकिन अब दाखिल नहीं कर रहे हैं।
आयकर विभाग ने 500 से अधिक ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने तीस लाख रुपये से अधिक कीमत की प्रापर्टी खरीदी या दस लाख रुपये से अधिक का कैश अपने खाते में जमा कराया, लेकिन आय के स्रोत की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी है। इसी सूची में ऐसे कारोबारी भी शामिल हैं जिन्होंने पिछले सालों में आयकर रिटर्न दाखिल किया है, लेकिन अब वे रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे। विभाग का कहना है कि यदि कारोबार बंद हो चुका है या घाटे में चल रहा है तो भी कारोबारियों को हर साल की तरह आयकर रिटर्न दाखिल कर स्थिति की जानकारी देनी होगी।
शिक्षकों पर भारी पड़ेगी बाबुओं की लापरवाही
शिक्षा विभाग के बाबुओं की लापरवाही का खामियाजा जिले के बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों को भुगतना पड़ेगा। आयकर अधिकारी रामदुलारे ने बताया कि जिले में सैकड़ों की संख्या में ऐसे बेसिक और माध्यमिक शिक्षक हैं जिनकी सेलरी से विभाग के बाबुओं ने करीब तीन करोड़ रुपये टीडीएस तो काट लिया है, लेकिन विभाग की वेवसाइट पर अपडेट नहीं किया है। इसके चलते रिकार्ड में शिक्षकाें पर तीन करोड़ रुपये का आयकर बकाया दिखाई दे रहा है। विभाग ऐसे शिक्षकों को आयकर रिटर्न भरने और इंकम टैक्स जमा करने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।