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जवाहर तापीय परियोजना के फाउंडेशन का निर्माण शुरू

Thu, 02 Mar 2017 12:24 AM IST
Amar Ujala
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जवाहर तापीय परियोजना के फाउंडेशन का निर्माण शुरू - फोटो : Amar Ujala
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 मलावन में 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल जवाहर तापीय परियोजना के पहले चरण का निर्माण शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था कोरियाई कंपनी दुस्सान और विद्युत उत्पादन निगम के अफसरों और कर्मचारियों ने परियोजना स्थल पर डेरा डाल दिया है। पहले चरण में परियोजना का फाउंडेशन और अफसरों के लिए आवास तैयार होंगे। इसके लिए अधिग्रहित भूमि की मिट्टी के परीक्षण का काम चल रहा है। कंपनी ने मिट्टी परीक्षण के लिए परियोजना स्थल पर लैब तैयार कर ली है। प्रदेश सरकार ने पहले चरण के निर्माण लिए कंपनी को 350 करोड़ रुपये की किस्त जारी कर दी है।   
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48 महीने में बनकर तैयार होने वाली 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना के पहले चरण का निर्माण शुरू हो गया है। लगभग 75000 मिलियन डॉलर लागत वाले प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार ने 350 करोड़ रुपये की पहली किस्त दे दी है। पहले चरण में परियोजना स्थल में अफसरों के रहने का आवास और प्रोजेक्ट का फाउंडेशन तैयार किया जाएगा। अधिग्रहित भूमि की मिट्टी का परीक्षण युद्ध स्तर पर कंपनी के बीस सदस्य कर रहे हैं। प्रोजेक्ट 2021 में विद्युत उत्पादन निगम को हैंडओवर होगा।
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बेवर ब्रांच से पानी के लिए 374 करोड़ होंगे खर्च
जवाहर तापीय परियोजना तक पानी पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग 374 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके लिए सरकार ने पूरी धनराशि विभाग को भेज दी है। मलावन से होकर गुजरने वाली बेवर ब्रांच नहर से निकले छछेना रजबहा से 2.5 किमी नई नहर खोद कर परियोजना तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। एक्सईएन सिंचाई विभाग रामकिशन ने कहा कि उत्पादन निगम के प्रस्ताव में कुछ बदलाव हुए हैं। उन्हीं बदलाव का सर्वे चल रहा है। जल्द ही बदलाव पूरे होने के बाद नहर खोदाई का काम शासन के आदेश पर शुरू किया जाएगा।
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प्रथम चरण में चार हजार मजदूरों को काम
जवाहर तापीय परियोजना के इंचार्ज एनएन त्रिपाठी ने बताया कि आवास और फाउंडेशन निर्माण के दौरान कार्यदायी संस्था को कम से कम 4000 मजदूरों की जरूरत होगी। मिट्टी परीक्षण का काम पूरा होने के बाद मजदूरों से काम लेना शुरू किया जाएगा। परियोजना में काम करने वाले मजदूरों में स्थानीय लोगों को वरीयता मिलेगी। मजदूरों की कमी पड़ने पर बाहर से मजदूर बुलाए जा सकते हैं।
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