एटा। देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और विवादों के बीच सरकार ने अपने कदम आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। इसी माह से शुरू होने वाली जनगणना-2021 की प्रक्रिया के साथ ही नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) के लिए डिजीटल डाटा बेस तैयार करने का काम जिले में शुरू हो गया है। जल्द ही प्रगणक लोगों के घर-घर जाकर उनसे मकान और उसमें रहने वाले लोगों का डाटा जुटाएंगे। इस डाटा में परिवार की आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक स्थिति का आंकलन किया जाएगा।
प्रत्येक दस वर्ष में होने वाली जनगणना इस वर्ष 2021 की जनगणना कहलाएगी और इसकी शुरुआत जनवरी माह में बैठक और फरवरी माह में प्रशिक्षण के साथ शुरू हो जाएगी। दो चरण में होने वाली जनगणना के प्रथम चरण में 16 मई से मकानों की गणना की जाएगी और नौ से 21 फरवरी 2021 तक जनगणना की जाएगी। इसके बाद सरकार के पास डाटा होगा कि जिले में कितने मकान और उनमें कितनी आबादी रह रही है।