जैन मंदिर अक्षय तृतीया महोत्सव का आयोजन
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इक्षु रस से किया पारणा आदिनाथ भगवान, आई आखा तीज महान, चरण में वंदन है, चरण रज चंदन है जैसे भजनों की गूंज हुई, तो वातावरण भक्तिमय हो गया। शनिवार को प्रेम नगर स्थित नशिया जैन मंदिर में अक्षय तृतीया का पर्व मनाया गया। इस दौरान श्राविकाओं ने आदिनाथ स्तोत्र, चालीसा का पाठ किया। साथ ही अक्षय तृतीया पर्व का महत्व बताया गया।
पारस भक्त मंडल, जैन महिला संगठन और युवा परिषद के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में सुबह भगवान आदिनाथ का जिनाभिषेक, पूजन किया गया। इसके बाद आदिनाथ स्रोत, चालीसा का पाठ किया गया। जैन महिला संगठन की बबिता जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया पर्व पर दान का विशेष महत्व है। इस दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ को राजा श्रेयांस ने हस्तिनापुर में गन्ने के रस का आहार दिया था। वर्तमान में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी ने मांगीतुंगी महाराष्ट्र में भगवान आदिनाथ की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का निर्माण कराया है। यह प्रतिमा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज की गई है। इस मौके पर सभी श्रावकों को गन्ने के रस का वितरण किया गया। कैलाश चंद्र जैन, सुरेश चंद्र जैन, मोहित जैन रानू, दिलीप जैन, बबिता जैन प्रेरणा, ममता जैन, हेमा जैन, विनीता जैन, लक्ष्मी जैन, मेघा जैन, रश्मि जैन, सोनिया जैन, समीक्षा जैन मौजूद रहे।