एटा। जैन समाज का प्रमुख पर्व पर्यूषण मंगलवार को शुरू हो गया। पर्व के पहले दिन जिनालयों में णमोकार मंत्र की गूंज के साथ धार्मिक आयोजनों की धूम रही। शहर के जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के साथ पहले दिन श्रावक-श्राविकाओं ने उत्तम क्षमा धर्म को धारण करने का संकल्प लिया।
शहर के पुरानी बस्ती स्थित बड़ा जैन मंदिर, जैन गली स्थित जानकीदास चैत्यालय, प्रेमनगर स्थित नशिया जैन मंदिर, जैन नगर स्थित पार्श्वनाथ मंदिर समेत कई जैन मंदिरों पर सुबह से ही श्रावकों की भीड़ नजर आई। पीत वस्त्रधारी इंद्र स्वरूपों ने सुबह प्रभु का अभिषेक कर उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की। नसिया जी जैन मंदिर में सुबह अभिषेक के बाद सामूहिक पूजन का आयोजन किया गया। भजनों पर भक्त जमकर झूमे।
मुनिश्री विश्रुत सागर जी महाराज ने बताया कि क्षमा अर्थात पृथ्वी के समाज सहने का स्वभाव होना। उत्तम क्षमा ही मन को उज्ज्वल करती है। शाम को मंदिरों में आरती और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान कई श्रावकों और श्राविकाओं ने संयम धारण करने के लिए घरों पर व्रत, नियम और उपवास किए। डेविड जैन, नितिन जैन, प्रतीश जैन, विकास जैन, सुनील बांदा, सुन्नेश जैन, विमला देवी जैन, बबिता जैन, कल्पना जैन, प्रवीना जैन, जैनादेवी जैन, ऊषा जैन, सृष्टि जैन, रश्मि जैन समेत तमाम श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे।
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आज होगी उत्तम मार्दव की पूजा
पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन बुधवार को उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की जाएगी। बबिता जैन ने बताया कि समाज के श्रावक बंधु मान कषाय का दमन करेंगे। जैन मंदिरों में सुबह पूजन और शाम को धार्मिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। सुबह पांच बजे वीर मंडल द्वारा जानकीदास चैत्यालय जैन गली से प्रभातफेरी निकाली जाएगी।