एटा। अलीगढ़ दंगे के मुख्य आरोपी विनय वार्ष्णेय पर धारा 302 तामील होते ही माहौल तल्ख हो गया। भाजपा और आरएसएस सहित हिंदू संगठनों के लोगों ने रविवार को अलीगढ़ की पूर्व मेयर शकुंतला भारती के नेतृत्व में जिला कारागार पहुंचकर विनय से मुलाकात की। वार्ता में कहा कि विनय निर्दोष हैं और उन्हें जेल से रिहा कराकर रहेंगे।
रविवार को जिला कारागार में विनय वार्ष्णेय से मिलकर लौटीं पूर्व मेयर शकुंतला भारती ने बताया कि विनय वार्ष्णेय भाजपा का कार्यकर्ता है और उसे पुलिस और विपक्षियों ने षड्यंत्र के तहत झूठा फंसाया है। वह इस दंगे में किसी तरह से आरोपी नहीं है। अधिवक्ताओं से बात हुई है, वहीं शासन और प्रशासन स्तर पर भी अपनी बात रखी गई है। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ सांसद, विधायक, एसएसपी और डीएम सहित अलीगढ़ आए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मिले और उन्हें वास्तविकता से अवगत कराते हुए विनय वार्ष्णेय की रिहाई की मांग की।
इधर गोली लगने से ताहिर की मौत पर पुलिस ने विनय पर लगी धारा 307 को धारा 302 में तब्दील कर दिया है। इसकी तामिली अलीगढ़ पुलिस जल्द ही एटा कारागार पहुंचकर विनय को कराएगी। जेल में मिलने वालों में मुकेश राजपूत, मनोज शर्मा, सुमित विद्यार्थी, विजेंद्र सैनी, विष्णु राना, विनय यादव, राजा ठाकुर, राजन मिश्रा, हिमांशु वार्ष्णेय, निशा चौहान, हरीश प्रताप चौहान, शीतल वार्ष्णेय आदि शामिल रहे।