एटा। जिले में जलजीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल पाइप लाइन डालने का कार्य किया गया। इस दौरान गलियों को उखाड़ कर पाइपलाइन डाली गई। लेकिन बाद में गलियों की मरम्मत नहीं कराई गई। उखड़ी पड़ी गलियां लोगोंं की परेशानी बन चुकी है। शहर के साथ ही देहात क्षेत्र में भी बुरा हाल है। बारिश के मौसम में यह गलियां हादसे का सबब बन सकती हैं।
केस-1ः अलीगंज के मोहल्ला बालकिशन में टूटी पड़ी गली
अलीगंज में जल निगम ने पाइपलाइन बिछाने के लिए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़कों की खुदाई कराई लेकिन काम पूरा होने के बाद भी गड्ढों को नहीं भरा गया है। इसके चलते राहगीरों, बाइक सवारों और चार पहिया वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
केस-2ः 10 माह से उखड़ी पड़ी गलियां
जलेसर क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेरनी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत बनने वाली पानी की टंकी का कार्य पिछले 10 महीनों से पूरी तरह ठप पड़ा है। योजना का उद्देश्य बेरनी, रामरायपुर, नगला राधे और शाहगढ़ी गांवों के करीब 6000 लोगों को मीठे पानी की सुविधा उपलब्ध कराना था, लेकिन लापरवाही और धीमी कार्यप्रणाली के कारण ग्रामीणों को अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। वहीं गांव नगला राधे में उखड़ी पड़ी हुई गलियों को अभी तक ठीक नहीं किया गया। वहीं बीच गली में खोदी गई गली में जलभराव होने की वजह से लोगों ने ईंटें डाल दी हैं, ताकि आवागमन में दिक्कत न हो।
गांव में पेयजल पाइप लाइन डालने के बाद उखड़ी हुई गलियों को अभी तक सही नहीं किया गया है। इसकी वजह से निकलने में काफी दिक्कत
ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है। जहां पर गलियों की मरम्मत नहीं हुई है। वहां पर मरम्मत कराई जाएगी जिससे बारिश में किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
- अंकित कुमार, अधिशासी अभियंता, जलनिगम ग्रामीण
जलेसर के नगला राधे में उखड़ी पड़ी गली के बीच में ग्रामीणों डाली ईंटे। संवाद