एटा। पैथोलॉजी कक्ष के बाहर एक युवती मंगलवार को एक घंटे तक बेहोश पड़ी रही। किसी व्यक्ति ने चिकित्सक को सूचना दी तब जाकर उसका उपचार हो पाया था। कर्मचारियों की इस लापरवाही के मामले में प्राचार्य ने जांच बैठाई है।
मंगलवार को पीएसी के पास स्थिति कांशीराम काॅलोनी निवासी सुनीता 21 वर्षीय बेटी प्रियंका को सीने सहित गले में दर्द की शिकायत होने पर इलाज के लिए लाईं थीं। चिकित्सक ने जांच लिखदी। इस दौरान सैंपल देते समय प्रियंका बेहोश हो गई थी। उसे पैथोलॉजी कक्ष के बाहर ब्रेंच पर लिटा दिया गया। युवती की मां सहित अन्य लोग उसके चेहरे पर पानी के छींटे मार रहे थे, जिससे युवती होश में आ जाए, लेकिन किसी स्वास्थ्यकर्मी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। मामला सुर्खियों में आने के बाद जांच बैठा दी गई है। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि मामले की जानकारी की गई थी। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को दिखवाया जाएगा। किसी की लापरवाही मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।