एटा। कचहरी में फर्जी वकालतनामा प्रकरण में सोमवार तक जांच पूरी नहीं हो सकी। तीन दिन का समय और बढ़ाया गया है। उधर, सोमवार को सोशल मीडिया पर कुछ और सनसनीखेज फोटो वायरल हुए। जिनमें वकालतनामा जारी होने की तारीख 2025 की पड़ी हुई है।
कचहरी में 1 फरवरी को दो स्टांप वेंडरों के पास से कुछ फर्जी वकालतनामे पकड़ में आए थे। दरअसल वकालतनामा जारी करने का अधिकार केवल कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन को होता है। जबकि बार के अनुसार ये वकालतनामे किसी अन्य स्रोत से जारी हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि पूर्व में कब और कितने इस तरह के फर्जी वकालतनामे खपाए गए हैं। जांच के घेरे में स्टांप वेंडर से लेकर प्रिंटिंग प्रेस और अधिवक्ता कल्याण कोष के पदाधिकारी भी आ रहे हैं। मामला पकड़ में आने के बाद बार एसोसिएशन ने कमेटी गठित कर जांच शुरू करा दी। 5 फरवरी तक प्रकरण की जांच पूरी की जानी थी। लेकिन मामला जटिल होने की वजह से अभी तमाम पहलू बचे हैं। इसे लेकर जांच कमेटी ने तीन दिन का समय और मांगा। बार सचिव गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि तीन दिन का समय और बढ़ा दिया गया है। कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जांच पूरी होने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।