बरसात अज्ञैर ओलावृष्टि से तबाह हुई फसलों की क्षतिपूर्ति किसानों को मिलने
में अब फसल बीमा कंपनी की लापरवाही आड़े आ रही है। बीमा कंपनी संबंधित
बैंकों पर किसानों की सूची उपलब्ध न कराने का आरोप लगा रही हैं, जबकि बैंक
ने सूची उपलब्ध कराने का दावा किया है। डीएम निधि केसरवानी ने शासन से बीमा
कंपनी की लापरवाही की शिकायत की है। सूशासन के निर्देशों के बाद कंपनी के
प्रतिनिधि आठ मई तक एटा में आकर बैंक अधिकारियों से वार्ता करेंगे।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में रबी की फसल के लिए 1898 किसानों ने
30.64 लाख का प्रीमियम भरा है। शासन द्वारा एचडीएफसी अरगो बीमा कंपनी को
फसल बीमा के लिए अधिकृत किया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रीमियम
भरने वाले उन किसानों को बीमा कंपनी द्वारा क्षतिपूर्ति दी जानी थी, जिनका
50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। इसके लिए बैंकों ने प्रीमियम भरने
वाले संबंधित किसानों की सूची बीमा कंपनी को उपलब्ध करा दी है। जबकि बीमा
कंपनी इस बात से इंकार कर रही हैं। डीएम ने 16 अप्रैल को बैंक अधिकारियों
और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के साथ बैठक की।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि
बीमा कंपनी को प्रीमियम भरने वाले किसानों की सूची उपलब्ध करा दी है।
सूत्रों की मानें तो बीमा कंपनी इसके बाद सूची की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी के
फेर में आगे की कार्रवाई नहीं कर रही हैं। बीमा कंपनी की इस लापरवाही पर
डीएम ने नाराजगी जताई और शासन को पत्र लिखा है। शासन ने बीमा कंपनी को
फटकार लगाते हुए कहा कि किसानों को फसल बीमा उपलब्ध कराने के लिए जल्द से
जल्द आगे की कार्रवाई की जाए।
राजस्व विभाग सूची बनाने में जुटा
डीएम
ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं कि ग्राम पंचायत बार उन किसानों की
सूची तैयार कर ली जाए, जिन किसानों ने फसल बीमा के लिए प्रीमियम भरा है और
उनकी फसलों को 50 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। विभाग ऐसे किसानों की
सूची बनाने में जुट गया है।
बीमा कंपनी द्वारा अपने कार्य में
लापरवाही बरतने पर संबंधित बीमा कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र लिखा गया है।
राजस्व विभाग को ग्राम पंचायत बार ऐसे किसानों की सूची बनाने के लिए
निर्देश दिए हैं, जिन्होंने फसल बीमा योजना के लिए प्रीमियम भरा है और उनका
नुकसान 50 प्रतिशत से अधिक हुआ है।
- निधि केसरवानी, डीएम